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पुनर्गठन के चार साल: जम्मू कश्मीर की बदल रही तस्वीर, विकास से लिखी जा रही नई तकदीर

Tue, 31 Oct 2023 12:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 31 Oct 2023 12:15 PM IST
सार

कभी अलगाववादियों के गढ़ रहे लाल चौक का स्वरूप अब बिल्कुल बदल गया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यहां के घंटा घर को एफिल टॉवर का लुक दिया गया है।

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Four years of Jammu Kashmir reorganization new destiny being written through development
लाल चौक: रंग बिरंगी लाइटों के बीच सेल्फी लेते हुए पिता व पुत्र - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

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अनुच्छेद 370 व 35 ए हटाने के बाद राज्य पुनर्गठन के चार साल में जम्मू-कश्मीर की तस्वीर बिल्कुल बदल गई है। न केवल अलगाववाद व पत्थरबाजी खत्म हुई बल्कि आतंकवाद पर भी अंकुश लगा। इससे प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी गई। कभी अलगाववादियों के गढ़ रहे लाल चौक का स्वरूप अब बिल्कुल बदल गया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत यहां के घंटा घर को एफिल टॉवर का लुक दिया गया है। अब देर रात तक यहां सैलानियों सहित स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। तिरंगे के प्रति लोगों में सम्मान बढ़ा है।

आतंकवाद के दौर में दूर हो गई फिल्म इंडस्ट्री तथा सिनेमा संस्कृति दोबारा लौट आई है। नाइट लाइफ सड़कों पर लौट आई है। डल झील देर रात तक आबाद रहती है। मैदानों में देर रात तक लोग खेल का रोमांच लेते देखे जा सकते हैं। पहली बार विदेशी निवेश भी हुआ है और 500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। जी 20 का सफलतापूर्वक आयोजन भी श्रीनगर में हुआ।

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कश्मीरी पंडितों के स्थायी पुनर्वास की दिशा में सरकार ने प्रयास करते हुए यह फैसला किया है कि समुदाय के सरकारी कर्मचारियों को आवास निर्माण के लिए श्रीनगर में सस्ती दर पर जमीन मुहैया करवाई जाएगी। इसके साथ ही डोमिसाइल कानून के तहत उन्हें लाया गया है। 44737 परिवार इससे लाभान्वित हुए हैं।

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पीएम पैकेज के तहत नियुक्त सरकारी कर्मियों को आवास की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। कश्मीर घाटी में बॉलीवुड की वापसी की दिशा में सरकार ने नई फिल्म नीति का निर्माण किया है। जम्मू-कश्मीर फिल्म डेवलपमेंट कौंसिल का गठन किया गया है। पिछले तीन साल में 400 से अधिक फिल्मों की शूटिंग की अनुमति दी गई है। श्रीनगर में मॉल समेत दक्षिणी व उत्तरी कश्मीर में सिनेमा हॉल खोले गए हैं।

 

Four years of Jammu Kashmir reorganization new destiny being written through development
श्रीनगर पोलो व्यू स्ट्रीट - फोटो : बासित जरगर

पूरे प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश 2020-21 व 2021-22 में लगातार पूरे देश में तीसरे स्थान पर रहा। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर टनल बनाकर यात्रा को सुगम करने की दिशा में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। 8.45 किमी की काजीगुंड-बनिहाल सुरंग बनकर तैयार है। इससे न केवल जम्मू से श्रीनगर के बीच दूरी कम हुई, बल्कि हर मौसम में यह टनल सुचारु यातायात में सहायक बनी है।

हाईवे पर सुगम यातायात के लिए 4.38 किमी का रामबन जिले में मारोग-डिगडोल व 3.2 किमी का डिगडोल से खूनी नाला तक सुरंग का निर्माण प्रगति पर है। इन टनल के बन जाने से जम्मू से श्रीनगर का सफर चार घंटे का रह जाएगा। इसके अलावा अखनूर-पुंछ हाईवे पर चार टनल का निर्माण चल रहा है। श्रीनगर-सोनमर्ग रोड पर साढ़े छह किमी की जेड मोड़ टनल लगभग बनकर तैयार है। 2378 करोड़ रुपये से बन रही इस टनल से बर्फबारी के दिनों में भी सोनमर्ग पहुंचा जा सकेगा। पिछले तीन साल में रोड कनेक्टिविटी के 790 प्रोजेक्ट 3406 करोड़ की लागत वाले स्वीकृत किए गए। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य तेज गति पर है। इसका शुभारंभ लोकसभा चुनाव से पहले हो सकता है।

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जम्मू अप्सरा रोड हाई स्ट्रीट प्रवेशद्वार - फोटो : संवाद

11125 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली से कटड़ा पांच घंटे में पहुंचा जा सकेगा। औद्योगिकीकरण की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है। 86 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। पहली बार विदेशी पूंजी निवेश हुआ है। 2153 करोड़ रुपये का निवेश 2022-23 में धरातल पर उतर आया है।

500 करोड़ की लागत से श्रीनगर में मॉल तथा जम्मू व श्रीनगर में आईटी टावर बनाया जा रहा है। 2047 तक का विजन डाक्यूमेंट तैयार कर गृह मंत्रालय को सौंपा गया है। इसमें कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण के संरक्षण, बागवानी व कृषि, औद्योगिकीकरण, पर्यटन, ऊर्जा को फोकस एरिया ग्रुप में रखा गया है। बदले हालात की वजह से रिकॉर्ड सैलानी भी पहुंचने शुरू हुए हैं। 2022 में 1.88 करोड़ पर्यटक कश्मीर पहुंचे।
 

पिछले तीन साल में जम्मू-कश्मीर में विकास की नई कहानी लिखी गई है। पारदर्शी तरीके से सभी क्षेत्रों में काम हो रहे हैं। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में प्रशासन का काम चल रहा है। सभी वर्गों का ख्याल रखा जा रहा है। किसान, युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों समेत हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। औद्योगिक विकास के साथ ही बिजली ढांचे में सुधार की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर अब देश के अन्य राज्यों की तरह कई क्षेत्रों में अग्रणी है। - मनोज सिन्हा, उप राज्यपाल, जम्मू-कश्मीर।

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