Jammu Kashmir: बादल फटा, बाढ़ आई… लेकिन किश्तवाड़ में आसमान से कम बरसा पानी, कई जिलों में सूखे जैसे हालात
पिछले 81 दिनों में जम्मू-कश्मीर में सामान्य से 5% कम वर्षा हुई है, जबकि किश्तवाड़ में भारी बाढ़ के बावजूद सामान्य से तीन गुना कम बारिश दर्ज की गई। 22 से 26 अगस्त के बीच कई जिलों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।
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बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश के बीच जम्मू-कश्मीर में पिछले 81 दिनों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान 398.9 एमएम की सामान्य वर्षा के मुकाबले 397.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। लेकिन किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से आई भीषण बाढ़ के बावजूद बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है। यहां औसतन सामान्य 309.1 मिलीमीटर की तुलना में सिर्फ 91.8 मिलीमीटर पानी बरसा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में एक जून से 20 अगस्त, 2025 तक औसतन सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश हुई है। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के साथ बारामुला, डोडा, गांदरबल, जम्मू, कठुआ, पुंछ और रामबन सहित आठ केंद्रों में पिछले 81 दिनों में सामान्य बारिश दर्ज की गई है। अनंतनाग, बडगाम, बांदीपोरा, कुलगाम, कुपवाड़ा और पुलवामा सहित छह अन्य केंद्रों में 20 प्रतिशत से 59 प्रतिशत के बीच कम बारिश हुई है। शोपियां स्टेशन पर 70 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। रियासी, सांबा और उधमपुर स्टेशनों पर इस अवधि के दौरान 20 प्रतिशत से 59 प्रतिशत के बीच अधिक बारिश हुई है।
आगामी: कई जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने कहा कि 22 तारीख की देर रात जम्मू संभाग में, खासकर रियासी, उधमपुर, राजौरी, कठुआ और सांबा में, कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 23 से 26 अगस्त के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की आशंका है।
जम्मू, रियासी, उधमपुर, सांबा, कठुआ और राजौरी सहित जम्मू के कुछ स्थानों और कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिलों में भारी बारिश के साथ पुंछ, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ में मध्यम व तेज बारिश हो सकती है। संवेदनशील स्थानों पर बादल फटने और अचानक बाढ़ आ सकती है। भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा रहेगा।