फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Apples to cost more; yield down by 40% this season.

महंगा पड़ेगा सेब: इस बार 40 फीसदी कम हुई पैदावार, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में खेती पर मौसम की मार

Sat, 03 Oct 2026 03:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजीम यूसुफ/अमर उजाला ब्यूरो
अजीम यूसुफ/अमर उजाला ब्यूरो Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 03 Oct 2026 03:23 AM IST
सार

देश के दो शीर्ष उत्पादक राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब की पैदावार तेजी से घटी है। 

विज्ञापन
Apples to cost more; yield down by 40% this season.
प्रतीक चित्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेब इस बार महंगा बिकेगा। देश के दो शीर्ष उत्पादक राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब की पैदावार तेजी से घटी है। हिमाचल में पिछले साल के 4.07 लाख टन के मुकाबले इस साल सिर्फ 3.87 लाख टन सेब बाजार में पहुंचा है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में हालत और खराब है, जहां उत्पादन 40 फीसदी तक घटा है। 

विज्ञापन


दोनों राज्यों में सेब उत्पादन पर प्रतिकूल मौसम की मार पड़ी है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित कुछ क्षेत्रों में उत्पादन 50 फीसदी तक कम हुआ है। सामान्य वर्षों में 20 से 22 लाख टन उत्पादन होता था, मगर इस बार इसके 14 से 15 लाख टन रहने का अनुमान है। उत्पादन घटने से मंडियों में आपूर्ति घटी है और बेहतर गुणवत्ता वाले सेब के भाव चढ़ गए हैं। दोनों ही राज्यों में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं होने से ठंड के घंटे कम हुए। हिमाचल में इस बार ड्रॉपिंग भी अधिक रही और सेब सीजन 15 दिन देरी से शुरू हुआ। पिछले साल प्रदेश में सात लाख टन सेब उत्पादन हुआ था। इस साल उत्पादन इससे बहुत कम रह सकता है। 
विज्ञापन


शोपियां व ऊपरी इलाकों में फसल को 55% तक नुकसान
जम्मू-कश्मीर उद्यान विभाग के अनुसार दक्षिण कश्मीर के शोपियां के ऊपरी इलाके हीरपोरा, केलर, जैनपोरा और कुलगाम के डीएच पोरा व फ्रिसल में मई-जून की बेमौसम ओलावृष्टि और तेज हवा से फसल को 45 से 55 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ। 

विज्ञापन
विज्ञापन
  • बडगाम के खानसाहिब, चरार-ए-शरीफ और पुलवामा के त्राल व राजपोरा के पारंपरिक बागानों में परागण के समय लगातार बारिश और कम धूप के कारण फल तेजी से गिरे। इससे पैदावार आधी रह गई। 

जलवायु परिवर्तन का असर
सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए हाई डेंसिटी पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बदलते मौसम में आधुनिक तकनीक व नए रूट स्टॉक अपनाना जरूरी है। जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती है, जो उत्पादन घटने का बड़ा कारण है।


-जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री, हिमाचल प्रदेश

आपूर्ति में भारी कमी
सोपोर फ्रूट मंडी के फल व्यापारी हाजी मुश्ताक अहमद ने कहा, मंडियों में रोजाना आने वाली गाड़ियों की संख्या कम है। खासकर शोपियां और कुलगाम की ओर से ए ग्रेड माल की भारी कमी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed