फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Consignments of drugs are reaching Kashmir via the pharmaceutical supply channels of Haryana and Chandigarh.

दवा के नाम पर घाटी पहुंच रही नशे की खेप: श्रीनगर से हरियाणा तक पुलिस की छानबीन, सप्लाई चेन के हर लिंक पर नजर

Fri, 02 Oct 2026 04:04 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Fri, 02 Oct 2026 04:04 PM IST
सार

श्रीनगर में 2.19 लाख से अधिक प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी के बाद पुलिस ने चंडीगढ़, पंचकुला और अंबाला तक जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस फार्मा कंपनियों, खरीदारों और ट्रांसपोर्ट एजेंसियों के रिकॉर्ड खंगालकर प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई चेन और इससे जुड़े लोगों की कड़ियां जोड़ रही है।

विज्ञापन
Consignments of drugs are reaching Kashmir via the pharmaceutical supply channels of Haryana and Chandigarh.
जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

दवा के नाम पर निकली खेप रास्ते में कहां बदली, किसके हाथों से गुजरी और कश्मीर तक किसने पहुंचाई, इसमें कौन-कौन से लोग शामिल हैं। श्रीनगर पुलिस अब इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही है। सफाकदल थाने की एफआईआर 135/2026 की जांच में सामने आए अहम तथ्यों ने नशे की इस कहानी को श्रीनगर की गलियों से निकालकर चंडीगढ़, पंचकुला और अंबाला तक पहुंचा दिया है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवा की खेप नशे के बाजार तक पहुंची, तो रास्ते में किसने आंखें बंद कर लीं?

विज्ञापन

पंजाब व चंड़ीगढ़ में हो सकती है बड़ी कार्रवाई
फार्मा कंपनी, खरीदार, बिल, इनवॉयस, ट्रांसपोर्ट एजेंसी, पंजाब-हरियाणा-श्रीनगर रूट, कश्मीर में प्रतिबंधित दवाओं का वितरण...। पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़कर आगे बढ़ रही है। इसकी पूरी निगरानी डीजीपी कार्यालय से लेकर गृह मंत्रालय तक कर रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अहम तथ्यों के आधार पर जल्द ही पंजाब व चंड़ीगढ़ में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

पंजाब व हरियाणा के कई नामचीन होंगे बेनकाब
पुलिस के मुताबिक अब तक आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस टीमों ने दवाओं के स्रोत का पता लगाने के लिए चंडीगढ़, पंचकुला और अंबाला में फार्मास्यूटिकल कंपनियों और ट्रांसपोर्ट एजेंसियों की पड़ताल की। वहां से इनवॉयस, बिल, गुड्स रिसीट और अन्य कारोबारी दस्तावेज जुटाए गए हैं। कुछ प्रतिष्ठानों के ड्रग लाइसेंस, खरीदारों के विवरण, बिल इनवॉयस, भुगतान और संचालन में बड़ी खामी मिली है, जो बड़े नशा तस्करी गिरोह की तरफ इशारा करती है। डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल में पंजाब व हरियाणा के कई नामचीन चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

टैपेंटाडोल की बड़ी बरामदगी ने बढ़ाई चिंता
श्रीनगर में बरामदगी का सबसे बड़ा हिस्सा टैपेंटाडोल का है। करीब 2,18,500 टैपेंटाडोल टैबलेट के अलावा प्रेगाबालिन और ट्रैमाडोल भी मिले हैं। इसके साथ कोडीनयुक्त तरल और हेरोइन जैसा पदार्थ मिलने से जांच का दायरा और बढ़ गया है। टैपेंटाडोल एक ओपिओइड दर्द निवारक दवा है। इसका इस्तेमाल मध्यम से तेज दर्द, खासकर कुछ गंभीर या न्यूरोपैथिक दर्द की स्थितियों में चिकित्सकीय निगरानी में किया जाता है। इसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है। भारत में टैपेंटाडोल को 2021 से शेड्यूल एच-1 में रखा गया है, यानी इसकी बिक्री और रिकॉर्ड-रखरखाव पर कड़े नियम लागू हैं।

तो बिल सही, माल गलत पते पर
अंतरराज्यीय फार्मा ड्रग मामलों में पहले भी दस्तावेज और परिवहन जांच के केंद्र में रहे हैं। जुलाई 2026 के चंडीगढ़ एनसीबी मामले में अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक 4,95,800 ट्रैमाडोल टैबलेट ऐसी खेप से बरामद हुई थीं, जिसे बिना वैध इनवॉयस, ईवे बिल या आवश्यक ड्रग लाइसेंस के ले जाया जा रहा था। अभियोजन के अनुसार इसे देहरादून ले जाना था, लेकिन रास्ते में इसे अमृतसर की ओर मोड़ दिया गया।

विज्ञापन

हिमाचल की कंपनी से कश्मीर तक पहुंचा था कोडीन
कश्मीर तक फार्मास्यूटिकल नशे की बाहरी सप्लाई की कड़ी पहले भी सामने आ चुकी है। नवंबर 2025 में प्रवर्तन निदेशालय ने बताया था कि हिमाचल प्रदेश की विदित हेल्थकेयर ने 2018 से 2024 के बीच दिल्ली से संचालित कुछ संस्थाओं को करीब 16.74 करोड़ रुपये का कोडीन आधारित कफ सिरप सप्लाई किया। ईडी के मुताबिक इस सप्लाई का एक हिस्सा बाद में श्रीनगर पहुंचा, जहां एनसीबी ने बड़ी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया था।

पहले जम्मू भी रहा है ट्रांजिट पाॅइंट
फार्मास्यूटिकल नशे की कड़ियां पहले जम्मू से भी जुड़ी रही हैं। एनसीबी के रिकॉर्ड में अगस्त 2022 में जम्मू के नरवाल में 1,100 बोतल कोडीनयुक्त कफ सिरप की बरामदगी और उसके फॉलोअप में दिल्ली से 28,800 ट्रैमाडोल आधारित कैप्सूल बरामद करने का उल्लेख है। उसी रिकॉर्ड में सांबा से 11,328 ट्रैमाडोल आधारित कैप्सूल की बरामदगी भी दर्ज है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed