Amarnath Yatra 2025: पहलगाम में सुरक्षा ऐसी कि परिंदा भी पर न मार सके, अमरनाथ यात्रा के हर कदम पर सुरक्षा घेरा
बायसरन आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा के लिए पहलगाम में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई, जिसमें हर बस और मार्ग पर सुरक्षाबलों की कड़ी निगरानी रही। श्रद्धालुओं को तय समय और वाहनों के अनुसार चंदनबाड़ी रवाना किया गया।
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जम्मू से पहलगाम तक बुधवार को यात्रियों के काफिले को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पहलगाम के नुनवान कैंप तक लाया गया था। श्रद्धालुओं के आने से लेकर यात्रा पर जाने तक सुरक्षाकर्मी, एजेंसियां और प्रशासन मुस्तैद रहा।
बुधवार को सुबह जम्मू से भक्तों का पहला जत्था रवाना किया किया गया। सुबह करीब 10:30 बजे भक्तों के काफिले ने काजीगुंड से कश्मीर में प्रवेश किया। करीब ढाई बजे काफिला अनंतनाग और 3:30 बजे पहलगाम पहुंचा। यहां से भक्त नुनवान बेसकैंप तक पहुंचे।
काफिले के आगे-पीछे और उसके बीच में सुरक्षाबलों के बख्तरबंद वाहन चल रहे थे। हर बस में एक सुरक्षाकर्मी मौजूद था। काफिले के लिए मार्ग में कई जगह वाहन रोक कर रखे गए गए थे।नुनवान पहुंचे भक्तों ने आराम किया, लंगरों में खाना खाया और रात तक शिविरों और होटलों में चले गए। रात 10 बजे तक सभी श्रद्धालु अपने विश्राम स्थल तक चले गए थे। इक्का-दुक्का भक्त दिखे तो सुरक्षाकर्मियों ने उनको भी विश्रामस्थल तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद सड़कें सूनी नजर आईं।
सुबह 3 बजे तक यही हाल रहा बुधवार रात को कुछ श्रद्धालु शिविर में न रुककर होटलों में चले गए थे। सुबह करीब 3:30 बजे वह होटलों से निकले तो उन्हें आधार शिविर से करीब दो किमी दूर ही रोक लिया गया। आधार शिविर तक सिर्फ पूर्व निर्धारित वाहनों को ही जाने की इजाजत थी।
यात्रा के औपचारिक शुभारंभ के बाद उन्हें वाहनों से चंदनबाड़ी रवाना किया गया।इधर सुबह 4 बजे भक्तों को रवाना किया गया। शिविर से भक्तों को रोक-रोककर निकाला जा रहा था। पहले सड़क पर आए भक्तों को प्रशासन की ओर निर्धारित वाहनों से चंदनबाड़ी रवाना करने के बाद ही अन्य भक्तों को शिविर से निकाला जा रहा था। प्रयास था कि सड़क पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा न हो। सुबह के 6 बजते-बजे लगभग सभी श्रद्धालुओं को रवाना कर दिया गया था। उनके वाहनों के साथ सुरक्षा बलों के वाहन भी भेजे जा रहे थे।
चंदनबाड़ी तक यात्रियों के अलावा किसी को जाने की इजाजत नहीं थी। चंदनबाड़ी में यात्रियों के कार्ड और अन्य कागजात जांचने के बाद उन्हें यात्रा के लिए ट्रैक पर जाने की इजाजत दी गई। यहां पोनी राइडर उनकी यात्रा के लिए उपलब्ध थे। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच यात्रा के लिए भेजा गया।