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नोटिस से डरे कोचिंग सेंटर निर्देश मानने को तैयार
Sri nagar
Updated Wed, 25 Dec 2013 05:47 AM IST
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श्रीनगर। लड़के और लड़कियों की अलग-अलग कक्षाएं लगाने के लिए कश्मीर घाटी के कोचिंग सेेंटर राजी हो गए हैं। गाइड लाइन का पालन करने और कोचिंग का ब्योरा सौंपने के लिए प्रशासन से दस दिनों का समय मांगा गया है। कोचिंग संचालकों की एसोसिएशन के साथ बैठक में सभी शर्तों को पूरा करने का फैसला किया गया। यह जानकारी उपायुक्त फारूख अहमद शाह को दी गई है।
होटलों पर सीलिंग की कार्रवाई से खौफजदा कोचिंग सेंटर सभी निर्देशों को मानने को तैयार हैं। कश्मीर कोचिंग एसोसिएशन के साथ संस्थानों की बैठक के बाद ये निर्णय लिया गया है। अब शहर के पांच सौ से अधिक कोचिंग सेंटरों में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग सत्र चलाने की तैयारी की जा रही है। ज्यादातर कोचिंग संस्थान सुबह नौ बजे की शिफ्ट छात्रों के लिए करेंगे, जबकि दोपहर की शिफ्ट में छात्राओं की क्लास चलेगी। बिल्डिंग के बुनियादी ढांचों के निर्माण, कोचिंग फीस और दूसरे मदों में छात्रों से लिए जाने रुपये का हिसाब-किताब भी प्रशासन को देना होगा। क्लास के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर रोक, हर महीने छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों की मीटिंग भी करनी होगी। शहर में कुछ ऐसे कोचिंग सेंटर भी हैं, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है। ऐसे में कोचिंग एसोसिएशन से कहा गया है कि ऐसी सेंटरों का तत्काल रजिस्ट्रेशन कराकर प्रशासन को ब्योरा दिया जाए। कोचिंग सेंटरों में मनमानी और छात्राओं को परेशान किए जाने की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए थे। श्रीनगर में तीन महीने तक दसवीं, ग्यारहवीं और इंटर की कोचिंग चलती है।
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होटलों पर सीलिंग की कार्रवाई से खौफजदा कोचिंग सेंटर सभी निर्देशों को मानने को तैयार हैं। कश्मीर कोचिंग एसोसिएशन के साथ संस्थानों की बैठक के बाद ये निर्णय लिया गया है। अब शहर के पांच सौ से अधिक कोचिंग सेंटरों में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग सत्र चलाने की तैयारी की जा रही है। ज्यादातर कोचिंग संस्थान सुबह नौ बजे की शिफ्ट छात्रों के लिए करेंगे, जबकि दोपहर की शिफ्ट में छात्राओं की क्लास चलेगी। बिल्डिंग के बुनियादी ढांचों के निर्माण, कोचिंग फीस और दूसरे मदों में छात्रों से लिए जाने रुपये का हिसाब-किताब भी प्रशासन को देना होगा। क्लास के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर रोक, हर महीने छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों की मीटिंग भी करनी होगी। शहर में कुछ ऐसे कोचिंग सेंटर भी हैं, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है। ऐसे में कोचिंग एसोसिएशन से कहा गया है कि ऐसी सेंटरों का तत्काल रजिस्ट्रेशन कराकर प्रशासन को ब्योरा दिया जाए। कोचिंग सेंटरों में मनमानी और छात्राओं को परेशान किए जाने की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए थे। श्रीनगर में तीन महीने तक दसवीं, ग्यारहवीं और इंटर की कोचिंग चलती है।
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