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फर्जी नामांकन पर स्कूल को विलय करने के निर्देश जारी
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2015 08:48 PM IST
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सरकारी स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही के मामले तो अकसर सामने आते रहते हैं, लेकिन स्कूल में मिड डे मील फंड्स के साथ अन्य फंड्स हड़पने के लिए स्कूल मे फर्जी नामांकन का मामला पहली बार सामने आया है।
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मामला जिले के बल जरालां शिक्षा जोन के अंर्तगत पड़ने वाले सरकारी प्राइमरी स्कूल छिछरोई का है। जानकारी के अनुसार शिक्षा और प्रशिक्षण के जिला संस्थान (डायट) राजोरी के प्रिंसिपल प्रदीप शर्मा व एचओडी डायट अशोक कुमार, नीलकंठ, गुलजार हुसेन और हनीफ बट्टी की विशेष टीम ने मंगलवार को उक्त स्कूल का दौरा किया तो पाया कि स्कूल में केवल एक ही विद्यार्थी हाजिर है।
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स्कूल में नियुक्त किए गए तीन शिक्षकों से स्कूल का रिकार्ड मांगा गया तो वह आनाकानी करने लगे। अधिकारियों द्वारा कड़ा रुख अपनाने के बाद शिक्षकों द्वारा पेश सारे रिकार्ड की जांच की तो पाया कि पिछले 11 वर्षो में स्कूल में 147 विद्यार्थियों की इंट्री की गई है। एडमिशन रजिस्टर की जांच करने पर पाया कि रजिस्टर में बच्चों के अभिभावकों के नाम दर्ज ही नहीं किए गए हैं।
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रजिस्टर में दर्ज नाम कक्षाओं के अटेंडेंस रजिस्टर से मैच करने पर पाया गया कि जो नाम रजिस्टर में हैं चे अटेंडेंस रजिस्टर में नहीं हैं। वर्ष 2015 में भी 20 के करीब बच्चों का प्रवेश दिखाया गया है। वहीं इस प्रकार से गलत रिकार्ड मेंटेन करने का कारण पूछे जाने पर शिक्षक कोई जवाब नहीं दे पाए।
मामले का कड़ा नोटिस लेते हुए प्रिंसिपल डाइट ने उक्त स्कूल को पास के मिडल स्कूल के साथ विलय करने के निर्देश जारी कर दिए। प्रिंसिपल ने सीईओ राजोरी व शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को लिखित में तीन शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की सिफार्रिश्ा भी भेज दी है।