{"_id":"676aadc244b24abe1a0f9479","slug":"rajouri-news-the-series-of-mysterious-deaths-continues-in-rajouri-s-baddal-9-people-have-died-so-far-even-d-2024-12-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: राजोरी के बड्डाल में रहस्यमयी मौतों का सिलसिला जारी, अब तक 9 लोगों की हुई मौत, डॉक्टर भी हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: राजोरी के बड्डाल में रहस्यमयी मौतों का सिलसिला जारी, अब तक 9 लोगों की हुई मौत, डॉक्टर भी हैरान
Tue, 24 Dec 2024 06:19 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी
अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Tue, 24 Dec 2024 06:19 PM IST
सार
राजोरी के बड्डाल गांव में रहस्यमयी मौतों का सिलसिला जारी है, जिसमें अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है, और विशेषज्ञों ने टॉक्सिन से मौतों की आशंका जताई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राजोरी जिले के बड्डाल गांव में लगातार हो रही रहस्यमयी मौतों ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 16 दिन में बड्डाल गांव के दो परिवारों से सात बच्चों समेत अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है। इनमें तीन लोग ऐसे थे, जो अस्पतालों में थोड़ा स्थिर हालत में पहुंचे, मगर कुछ दिन बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनकी जान चली गई। बताया जा रहा है कि इन तीनों के नर्व सिस्टम पर हमला हुआ और बेसुध होकर वे धीरे धीरे कोमा में चले गए। उधर, राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की विभिन्न स्वास्थ्य जांच एजेंसियां नतीजों के आधार पर मौतों का अभी तक कारण नहीं जान पाई हैं।
अब तक के घटनाक्रम पर नजर डालें तो गत 8 दिसंबर को बड्डाल गांव में शादी का खाना खाने से तबीयत बिगड़ने पर एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इनमें बच्चों का पिता भी शामिल था। उसी दिन इस परिवार से बचे 4 वर्षीय इफ्तार अहमद को जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उसे प्राथमिक उपचार दिया गया और डाक्टरों के दावे के मुताबिक वह बिल्कुल स्वस्थ था। यही नहीं तीमारदार उसे अस्पताल में साथ लेकर घूमते रहे। लेकिन कुछ दिन बाद उसकी भी हालत अचानक बिगड़ गई। वह बेहोशी में चला गया और 12 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया। बड्डाल गांव से ही 12 दिसंबर को एक अन्य परिवार के रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक बीमार हुए 12 वर्षीय इशफाक अहमद को एसएमजीएस जम्मू में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन
डाक्टरों द्वारा शुरू में इस बच्चे की हालत भी थोड़ी स्थिर बताई जा रही थी। लेकिन धीरे धीरे उसकी हालत भी बिगड़ती गई और सात दिन तक अस्पताल में इलाज पाने के बाद उसने भी दम तोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार एमआरआई रिपोर्ट में उसके दिमाग और स्पाइनल में इंफेक्शन पाई गई थी, जिससे उस पर कोई भी दवाई काम नहीं कर पाई।
विज्ञापन
अब तक के घटनाक्रम पर नजर डालें तो गत 8 दिसंबर को बड्डाल गांव में शादी का खाना खाने से तबीयत बिगड़ने पर एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इनमें बच्चों का पिता भी शामिल था। उसी दिन इस परिवार से बचे 4 वर्षीय इफ्तार अहमद को जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
उसे प्राथमिक उपचार दिया गया और डाक्टरों के दावे के मुताबिक वह बिल्कुल स्वस्थ था। यही नहीं तीमारदार उसे अस्पताल में साथ लेकर घूमते रहे। लेकिन कुछ दिन बाद उसकी भी हालत अचानक बिगड़ गई। वह बेहोशी में चला गया और 12 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया। बड्डाल गांव से ही 12 दिसंबर को एक अन्य परिवार के रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक बीमार हुए 12 वर्षीय इशफाक अहमद को एसएमजीएस जम्मू में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन
डाक्टरों द्वारा शुरू में इस बच्चे की हालत भी थोड़ी स्थिर बताई जा रही थी। लेकिन धीरे धीरे उसकी हालत भी बिगड़ती गई और सात दिन तक अस्पताल में इलाज पाने के बाद उसने भी दम तोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार एमआरआई रिपोर्ट में उसके दिमाग और स्पाइनल में इंफेक्शन पाई गई थी, जिससे उस पर कोई भी दवाई काम नहीं कर पाई।
नए मामले में इशफाक के मां राजीम अख्तर की रहस्यमयी बीमारी से मौत हो गई। उसे एहतियातन सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजोरी में रखा गया था। लेकिन अपने तीसरे बच्चे की मौत के बाद वह घर चली गई थी। जीएमसी राजोरी में छह दिन तक भर्ती रहने के दौरान वह बिलकुल स्वस्थ रही। गत रविवार को उसे अचानक शौच में दिक्कत आने लगी।
जिसके बाद उसे जीएमसी राजोरी लाया गया,लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सूत्रों के अनुसार इन सभी मौतों में मृतकों के नर्व सिस्टम पर हमला हुआ है। इसमें अंतिम समय में मृतकों को बेहोशी और सुस्त रहने की शिकायत हुई है। मौतों की टाॅक्सिन हो सकती है वजह, वायरस होता तो बाकी भी बीमार होते-विशेषज्ञ डाक्टरबड्डाल में रहस्यमयी मोतों के मामलों में कोई भी अधिकारी कुछ नहीं बोल रहा है।
जीएमसी जम्मू के एक विशेषज्ञ वरिष्ठ डाॅक्टर ने बताया कि इन मौतों के पीछे टाॅक्सिन कारण हो सकता है। जिसमें आशंका है कि किसी खाद्य पदार्थ, पानी आदि से कोई जहरीला वैक्टीरिया मानव शरीर में चला गया, जिससे बाद में मौतें हुई हैं। अगर किसी वायरस की शिकायत होती तो मृतक यहां यहां गए हैं उन अस्पतालों के चिकित्सा स्टाफ या अन्य संपर्क में आने वाले लोगों में कोई लक्षण मिलने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं दिखा है। उक्त दो ही परिवार अब तक प्रभावित हुए हैं।
जिसके बाद उसे जीएमसी राजोरी लाया गया,लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सूत्रों के अनुसार इन सभी मौतों में मृतकों के नर्व सिस्टम पर हमला हुआ है। इसमें अंतिम समय में मृतकों को बेहोशी और सुस्त रहने की शिकायत हुई है। मौतों की टाॅक्सिन हो सकती है वजह, वायरस होता तो बाकी भी बीमार होते-विशेषज्ञ डाक्टरबड्डाल में रहस्यमयी मोतों के मामलों में कोई भी अधिकारी कुछ नहीं बोल रहा है।
जीएमसी जम्मू के एक विशेषज्ञ वरिष्ठ डाॅक्टर ने बताया कि इन मौतों के पीछे टाॅक्सिन कारण हो सकता है। जिसमें आशंका है कि किसी खाद्य पदार्थ, पानी आदि से कोई जहरीला वैक्टीरिया मानव शरीर में चला गया, जिससे बाद में मौतें हुई हैं। अगर किसी वायरस की शिकायत होती तो मृतक यहां यहां गए हैं उन अस्पतालों के चिकित्सा स्टाफ या अन्य संपर्क में आने वाले लोगों में कोई लक्षण मिलने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं दिखा है। उक्त दो ही परिवार अब तक प्रभावित हुए हैं।