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Rajouri News: दशकों पहले आतंकियों के निशाने पर रहे हैं आयुब पहलवान
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-सेना से रिटायर पहलवान हमेशा आतंक के खिलाफ खड़े रहे, पत्नी, भाई और भतीजे की आतंकियों ने कर दी थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। कोटरंका कंडी निवासी नेकां के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं पहाड़ी नेता अयूब पहलवान दशकों पहले भी आतंकियों के निशाने पर रहे थे। वह सेना से रिटायर हुए थे तो कंडी बुद्धल में आतंकवाद चरम पर था। पहलवान की पत्नी, भाई और भतीजे को आतंकियों ने मार दिया था। अब पहलवान के भाई-भाभी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हो गई है।
सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना और मातृभूमि के वफादार रहे अयूब पहलवान की पत्नी को 1997 और भाई पुलिस कर्मचारी मोहम्मद फारूक व भतीजे मोहम्मद ताज की 1998 मेंं आतंकियों ने निर्मम हत्या कर दी थी। उन वर्षों में आतंकियों ने कई बार अयूब पहलवान को भी मारने का प्रयास किया था। राजोरी, कोटरंका और बुद्धल में आतंकवाद चरम पर था तो अयूब पहलवान और उनका परिवार आतंकियों के खिलाफ खड़े रहे थे। कई बार पहलवान को आतंकियों ने धमकियां भी दी थीं। पत्नी, भाई और भतीजे को खो देने के बाद भी पहलवान आतंकियों के खिलाफ खड़े रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। कोटरंका कंडी निवासी नेकां के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं पहाड़ी नेता अयूब पहलवान दशकों पहले भी आतंकियों के निशाने पर रहे थे। वह सेना से रिटायर हुए थे तो कंडी बुद्धल में आतंकवाद चरम पर था। पहलवान की पत्नी, भाई और भतीजे को आतंकियों ने मार दिया था। अब पहलवान के भाई-भाभी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हो गई है।
सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना और मातृभूमि के वफादार रहे अयूब पहलवान की पत्नी को 1997 और भाई पुलिस कर्मचारी मोहम्मद फारूक व भतीजे मोहम्मद ताज की 1998 मेंं आतंकियों ने निर्मम हत्या कर दी थी। उन वर्षों में आतंकियों ने कई बार अयूब पहलवान को भी मारने का प्रयास किया था। राजोरी, कोटरंका और बुद्धल में आतंकवाद चरम पर था तो अयूब पहलवान और उनका परिवार आतंकियों के खिलाफ खड़े रहे थे। कई बार पहलवान को आतंकियों ने धमकियां भी दी थीं। पत्नी, भाई और भतीजे को खो देने के बाद भी पहलवान आतंकियों के खिलाफ खड़े रहे।
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