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भागवत कथा सुनने से बदलेगी जीवन शैली : स्वामी विश्वात्मानंद
Thu, 26 Oct 2023 02:18 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Thu, 26 Oct 2023 02:18 AM IST
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ज्ञान गंगा आश्रम राजोेरी में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का आगाज
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। और धार्मिक प्रवचनों को पढ़कर और सुनकर आत्म-साक्षात्कार संभव है। कथा सुन कर व्यक्ति अपने जीवन के तरीके को काफी हद तक बदल सकता है। इसलिए समय निकाल कर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अवश्य करें। यह ज्ञान स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती जी महाराज ने एसवीएस ज्ञान गंगा आश्रम राजोेरी में शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर दिए।
इससे पहले उनके नेतृत्व में सनातन धर्म सभा मंदिर से विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इसमें काफी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। यात्रा मार्ग के दौरान भक्त ढोल नगाड़ों के साथ भजनों पर झूमते नजर आए। यात्रा रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, मोती बाजार और पुराना बस स्टैंड से होते हुए एसवीएस ज्ञान गंगा आश्रम में संपन्न हुई। आश्रम समिति के सदस्यों ने पुष्प वर्षा कर स्वामी और भक्तों का स्वागत किया। बाद में भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। स्वामी ने कहा कि हमारी अभिव्यक्तियां केवल झूठ को जन्म देती हैं और दुनिया को अंततः असत्य बताती हैं। भगवान सभी में हैं, लेकिन वह सबसे ज्यादा अलग भी हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। और धार्मिक प्रवचनों को पढ़कर और सुनकर आत्म-साक्षात्कार संभव है। कथा सुन कर व्यक्ति अपने जीवन के तरीके को काफी हद तक बदल सकता है। इसलिए समय निकाल कर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अवश्य करें। यह ज्ञान स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती जी महाराज ने एसवीएस ज्ञान गंगा आश्रम राजोेरी में शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर दिए।
इससे पहले उनके नेतृत्व में सनातन धर्म सभा मंदिर से विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इसमें काफी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। यात्रा मार्ग के दौरान भक्त ढोल नगाड़ों के साथ भजनों पर झूमते नजर आए। यात्रा रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, मोती बाजार और पुराना बस स्टैंड से होते हुए एसवीएस ज्ञान गंगा आश्रम में संपन्न हुई। आश्रम समिति के सदस्यों ने पुष्प वर्षा कर स्वामी और भक्तों का स्वागत किया। बाद में भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। स्वामी ने कहा कि हमारी अभिव्यक्तियां केवल झूठ को जन्म देती हैं और दुनिया को अंततः असत्य बताती हैं। भगवान सभी में हैं, लेकिन वह सबसे ज्यादा अलग भी हैं।
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