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Rajouri News: एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
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राजोेरी में कर्मचारी दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे, स्वास्थ्य केंद्रों में बढ़ी मरीजों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की हड़ताल जिले में दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के काम से दूर रहने के कारण जिले के कई स्वास्थ्य संस्थानों, विशेषकर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। इसके चलते उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का असर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। खासकर वे स्वास्थ्य संस्थान, जहां नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का एक बड़ा हिस्सा एनएचएम कर्मचारियों के माध्यम से संचालित होता है, वहां कर्मचारियों की अनुपस्थिति से कामकाज प्रभावित हुआ है।
दूरदराज के इलाकों में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इन क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थानीय आबादी काफी हद तक निर्भर रहती है और छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लोगों को इन्हीं संस्थानों का रुख करना पड़ता है। हड़ताल के कारण मरीजों को आवश्यक सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल या अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
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मरीजों का कहना है कि ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहले ही सीमित संसाधनों के बीच संचालित होती हैं। ऐसे में हड़ताल ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई मरीजों को उपचार, जांच, पंजीकरण तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए अतिरिक्त समय और दूरी तय करनी पड़ रही है।
एनएचएम कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और दूसरे दिन भी काम का बहिष्कार जारी रखा गया। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा ठोस एवं संतोषजनक कदम उठाए जाने तक आंदोलन जारी रह सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की हड़ताल जिले में दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के काम से दूर रहने के कारण जिले के कई स्वास्थ्य संस्थानों, विशेषकर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। इसके चलते उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का असर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। खासकर वे स्वास्थ्य संस्थान, जहां नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का एक बड़ा हिस्सा एनएचएम कर्मचारियों के माध्यम से संचालित होता है, वहां कर्मचारियों की अनुपस्थिति से कामकाज प्रभावित हुआ है।
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दूरदराज के इलाकों में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इन क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थानीय आबादी काफी हद तक निर्भर रहती है और छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए लोगों को इन्हीं संस्थानों का रुख करना पड़ता है। हड़ताल के कारण मरीजों को आवश्यक सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल या अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
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मरीजों का कहना है कि ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहले ही सीमित संसाधनों के बीच संचालित होती हैं। ऐसे में हड़ताल ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई मरीजों को उपचार, जांच, पंजीकरण तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए अतिरिक्त समय और दूरी तय करनी पड़ रही है।
एनएचएम कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और दूसरे दिन भी काम का बहिष्कार जारी रखा गया। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा ठोस एवं संतोषजनक कदम उठाए जाने तक आंदोलन जारी रह सकता है।