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Rajouri News: स्मारक और पुस्तकालय में बदलेगा बलिदानी एडीडीसी डॉ. राज कुमार थापा का आवास
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राजोरी। राजोरी प्रशासन बलिदानी अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) डॉ. राज कुमार थापा के आवास को एक सार्वजनिक स्मारक और पुस्तकालय में बदलने जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुई सीमा पार से गोलीबारी के दौरान पाकिस्तान से दागे गए मोर्टार शेल से डॉ. थापा 9 मई 2025 को शहीद हुए थे।
राजोरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने बताया कि हमारे पूर्व एडीडीसी डॉ. राज कुमार थापा 10 मई 2025 को सीमा पार से हुई मोर्टर शेलिंग में शहीद हो गए थे। उनके आवासीय क्वार्टर को एक संग्रहालय-कम-लाइब्रेरी में बदलने की यह एक पहल है। जिला विकास परिषद के समर्थन से जिला प्रशासन ने इस परियोजना की शुरुआत की है। एक संग्रहालय-कम-लाइब्रेरी कार्यक्रम विकसित किया जा रहा है ताकि यह दिखाया जा सके कि एक सार्वजनिक सेवक कैसे अपने कर्तव्यों को पूरा करता है और राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन बलिदान करने तक एक आदर्श के रूप में कार्य करता है। जब यह संग्रहालय तैयार हो जाएगा तो लोगों को यहां आना चाहिए और सिर्फ राजोरी के लोग ही नहीं, बल्कि जम्मू और कश्मीर और भारत के सभी लोगों को आना चाहिए और इसे देखना चाहिए। यह सिर्फ एक स्मारक नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्मृति है जो सभी को जोड़ती है।
वहां बनाई जा रही पब्लिक लाइब्रेरी मे कई प्रकार की पुस्तकें रखने की योजना है और वाइफाई इंटरनेट सुविधा दी जाएगी ताकि बच्चे वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। इससे बलिदानी डॉ. थापा को सही मायनो मे श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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राजोरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने बताया कि हमारे पूर्व एडीडीसी डॉ. राज कुमार थापा 10 मई 2025 को सीमा पार से हुई मोर्टर शेलिंग में शहीद हो गए थे। उनके आवासीय क्वार्टर को एक संग्रहालय-कम-लाइब्रेरी में बदलने की यह एक पहल है। जिला विकास परिषद के समर्थन से जिला प्रशासन ने इस परियोजना की शुरुआत की है। एक संग्रहालय-कम-लाइब्रेरी कार्यक्रम विकसित किया जा रहा है ताकि यह दिखाया जा सके कि एक सार्वजनिक सेवक कैसे अपने कर्तव्यों को पूरा करता है और राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन बलिदान करने तक एक आदर्श के रूप में कार्य करता है। जब यह संग्रहालय तैयार हो जाएगा तो लोगों को यहां आना चाहिए और सिर्फ राजोरी के लोग ही नहीं, बल्कि जम्मू और कश्मीर और भारत के सभी लोगों को आना चाहिए और इसे देखना चाहिए। यह सिर्फ एक स्मारक नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्मृति है जो सभी को जोड़ती है।
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वहां बनाई जा रही पब्लिक लाइब्रेरी मे कई प्रकार की पुस्तकें रखने की योजना है और वाइफाई इंटरनेट सुविधा दी जाएगी ताकि बच्चे वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। इससे बलिदानी डॉ. थापा को सही मायनो मे श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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