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Rajouri News: ढांगरी नरसंहार के दो साल पूरे पीड़ित आज भी मांग रहे न्याय
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राजोरी। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी जिले के ढांगरी गांव में हिंदू नरसंहार को दो साल हो गए, लेकिन पीड़ितों के जख्म आज भी भरे नहीं हैं। पीड़ित परिवार सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। एक जनवरी, 2023 को आतंकियों ने ढांगरी गांव में हिंदू परिवारों को आधार कार्ड से चिह्नित करने के बाद सात नागरिकों की हत्या कर दी थी।
इस नरसंहार में दो सगे भाई दीपक और प्रिंस भी आतंकियों की गोलियों का निशाना बने थे। इनकी मां सरोज बाला आज भी न्याय की गुहार लगा रही हैं। सरोज बताया कि उनके दो बच्चों की हत्या हुए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक सरकार हत्यारों का पता नहीं लगा पाई है। न्याय के लिए वह गृहमंत्री अमित शाह से भी मिल चुकी हैं, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। सरोज बाला ने एनआईए की जांच और चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेंढर के गुरसाईं निवासी जिन दो आतंकियों को ढांगरी नरसंहार का मास्टरमाइंड बताया गया है, वे दोनों आतंकियों के मददगार हो सकते हैं, लेकिन जिन आतंकियों ने मेरी आंखों के सामने मेरे बच्चों को गोलियां मारीं, वे नौजवान थे और आज तक पकड़े नहीं जा सके हैं। सरोज बाला ने बताया कि आतंकियों को जिन लोगों ने ढांगरी में लाया था और जिनके इशारे पर दहशतगर्दों ने इस नरसंहार को अंजाम दिया, वे लोग आज तक सामने नहीं आए और यह राज ही बनकर रह गया है।
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आज से फिर शुरू करेंगे धरना प्रदर्शन, पीड़ित
सरोज बाला ने दी आत्मदाह की चेतावनी
सरोज बाला ने चेतावनी दी कि अन्य पीड़ित परिवारों के साथ एक जनवरी से फिर से धरने प्रदर्शन करने जा रही हैं। कहा कि उसे बार-बार मात्र विश्वास ही दिलाया गया, न्याय आज तक नहीं मिला। चेतावनी दी कि इस बार यदि किसी ने उसे रोका तो वह सबके सामने आत्मदाह कर लेगी। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई की जब तक मामले में शामिल लोगों को उनके सामने नहीं लाया जाता, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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इस नरसंहार में दो सगे भाई दीपक और प्रिंस भी आतंकियों की गोलियों का निशाना बने थे। इनकी मां सरोज बाला आज भी न्याय की गुहार लगा रही हैं। सरोज बताया कि उनके दो बच्चों की हत्या हुए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक सरकार हत्यारों का पता नहीं लगा पाई है। न्याय के लिए वह गृहमंत्री अमित शाह से भी मिल चुकी हैं, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। सरोज बाला ने एनआईए की जांच और चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेंढर के गुरसाईं निवासी जिन दो आतंकियों को ढांगरी नरसंहार का मास्टरमाइंड बताया गया है, वे दोनों आतंकियों के मददगार हो सकते हैं, लेकिन जिन आतंकियों ने मेरी आंखों के सामने मेरे बच्चों को गोलियां मारीं, वे नौजवान थे और आज तक पकड़े नहीं जा सके हैं। सरोज बाला ने बताया कि आतंकियों को जिन लोगों ने ढांगरी में लाया था और जिनके इशारे पर दहशतगर्दों ने इस नरसंहार को अंजाम दिया, वे लोग आज तक सामने नहीं आए और यह राज ही बनकर रह गया है।
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आज से फिर शुरू करेंगे धरना प्रदर्शन, पीड़ित
सरोज बाला ने दी आत्मदाह की चेतावनी
सरोज बाला ने चेतावनी दी कि अन्य पीड़ित परिवारों के साथ एक जनवरी से फिर से धरने प्रदर्शन करने जा रही हैं। कहा कि उसे बार-बार मात्र विश्वास ही दिलाया गया, न्याय आज तक नहीं मिला। चेतावनी दी कि इस बार यदि किसी ने उसे रोका तो वह सबके सामने आत्मदाह कर लेगी। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई की जब तक मामले में शामिल लोगों को उनके सामने नहीं लाया जाता, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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