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Rajouri News: जीएमसी राजोरी में नवजात की मौत के बाद खलबली, त्रिस्तरीय जांच शुरू
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प्रसव के मामले को लेकर लगे गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल में एक गर्भवती महिला के प्रसव और नवजात शिशु की मौत से जुड़े मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया और समाचार पोर्टलों पर प्रसारित हो रहे आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग तथा जीएमसी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच और अलग से विभागीय जांच समिति गठित की है।
मामला गांव ममनकोट जिला रियासी की निवासी करीब 22 वर्षीय सुषमा देवी पत्नी रघुवीर से संबंधित है, जिन्हें प्रसव के लिए जीएमसी एवं संबद्ध अस्पताल राजोेरी में भर्ती कराया गया था। सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों के अनुसार महिला के साथ एक आशा कार्यकर्ता तथा अन्य लोग मौजूद थे।
आरोप है कि महिला को कथित रूप से अस्पताल परिसर से बाहर एक निजी स्थान या किसी कमरे में ले जाया गया, जहां प्रसव कराया गया। आरोपों के अनुसार प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई, जबकि महिला को कथित तौर पर अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अस्पताल के वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा हालांकि, इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी और प्रशासन ने इसी उद्देश्य से आधिकारिक जांच शुरू की है।
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सीएमओ राजोेरी ने दिए जांच के आदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं वाइस चेयरमैन, जिला स्वास्थ्य समिति डॉ एमएल राणा ने इस प्रकरण में विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। कहा है कि सोशल मीडिया और पोर्टलों के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में यह मामला आया है। इसमें महिला को अस्पताल से बाहर ले जाने के आरोपों की सत्यता, संबंधित आशा कार्यकर्ता और अन्य फील्ड स्तर के स्वास्थ्य कर्मचारियों की भूमिका, प्रसव से पहले और बाद के घटनाक्रम, नवजात की मौत से संबंधित परिस्थितियों व किस स्तर पर लापरवाही हुई जांच की जाएगी।
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जीएमसी प्रशासन ने भी गठित की चार सदस्यीय जांच समिति
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल राजोरी ने भी एक जांच समिति का गठन किया है। प्रधानाचार्य डॉ एएस भाटिया ने सुषमा देवी और उनके नवजात शिशु की मौत से जुड़े मामले में डॉ. शानिम अहमद, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। जिसमें डॉ. चंदर शेखर, एचओडी ऑब्जतेत्रिक्स गयनाइकलॉजी, डॉ विदुषी बडयाल, हनान शाल प्रशासनिक अधिकारी को जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने भी शुरू की जांच
राजोरी पुलिस थाने की टीम ने भी जांच शुरू की है। पुलिस अपने स्तर से इस मामले के बिंदुओं की जांच कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल में एक गर्भवती महिला के प्रसव और नवजात शिशु की मौत से जुड़े मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया और समाचार पोर्टलों पर प्रसारित हो रहे आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग तथा जीएमसी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच और अलग से विभागीय जांच समिति गठित की है।
मामला गांव ममनकोट जिला रियासी की निवासी करीब 22 वर्षीय सुषमा देवी पत्नी रघुवीर से संबंधित है, जिन्हें प्रसव के लिए जीएमसी एवं संबद्ध अस्पताल राजोेरी में भर्ती कराया गया था। सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों के अनुसार महिला के साथ एक आशा कार्यकर्ता तथा अन्य लोग मौजूद थे।
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आरोप है कि महिला को कथित रूप से अस्पताल परिसर से बाहर एक निजी स्थान या किसी कमरे में ले जाया गया, जहां प्रसव कराया गया। आरोपों के अनुसार प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई, जबकि महिला को कथित तौर पर अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अस्पताल के वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा हालांकि, इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी और प्रशासन ने इसी उद्देश्य से आधिकारिक जांच शुरू की है।
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सीएमओ राजोेरी ने दिए जांच के आदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं वाइस चेयरमैन, जिला स्वास्थ्य समिति डॉ एमएल राणा ने इस प्रकरण में विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। कहा है कि सोशल मीडिया और पोर्टलों के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में यह मामला आया है। इसमें महिला को अस्पताल से बाहर ले जाने के आरोपों की सत्यता, संबंधित आशा कार्यकर्ता और अन्य फील्ड स्तर के स्वास्थ्य कर्मचारियों की भूमिका, प्रसव से पहले और बाद के घटनाक्रम, नवजात की मौत से संबंधित परिस्थितियों व किस स्तर पर लापरवाही हुई जांच की जाएगी।
जीएमसी प्रशासन ने भी गठित की चार सदस्यीय जांच समिति
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल राजोरी ने भी एक जांच समिति का गठन किया है। प्रधानाचार्य डॉ एएस भाटिया ने सुषमा देवी और उनके नवजात शिशु की मौत से जुड़े मामले में डॉ. शानिम अहमद, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। जिसमें डॉ. चंदर शेखर, एचओडी ऑब्जतेत्रिक्स गयनाइकलॉजी, डॉ विदुषी बडयाल, हनान शाल प्रशासनिक अधिकारी को जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने भी शुरू की जांच
राजोरी पुलिस थाने की टीम ने भी जांच शुरू की है। पुलिस अपने स्तर से इस मामले के बिंदुओं की जांच कर रही है।