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Rajouri News: सुंदरबनी के चाैक-चौराहों पर लगी निगहबान आंखें एक साल से खराब
Wed, 12 Feb 2025 01:43 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Wed, 12 Feb 2025 01:43 AM IST
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सिर्फ 15 किलोमीटर दूर है यहां से पाक सीमा, दो साल पहले लगे थे दर्जन भर कैमरे, नगर के लोगों ने कहा ठीक कराएं कैमरे
आचार्य राजेश पराशर
सुंदरबनी। नगर पालिका सुंदरबनी की दिन रात निगहबानी करने वाले दर्जन भर कैमरे एक साल से बंद पड़े हैं। यह उस कस्बे का हाल है जहां से पाकिस्तान की सीमा मात्र 15 किलोमीटर दूर है।
शहर में होने वाली आपराधिक वारदातों को रोकने और सुरक्षा के नजरिए से संवेदनशील इस कस्बे के चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए लगभग दो-तीन वर्ष पहले शहर के प्रत्येक चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। उसके साथ नगर पालिका कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया था। अब तकनीकी खराबी के चलते ये योजना अपने मकसद में फेल हो गई है।
सुंदरबनी की संवेदनशीलता देखते हुए यहां कैमरे कितने जरूरी हैं इसे समझा जा सकता है। लोगों ने भी नगरपालिका परिषद की इस पहल का स्वागत किया। इन कैमरों के लगने से नागरिकों के साथ पुलिस भी राहत महसूस कर रही थी।
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जिस तरह से अपराधी हाइटेक हो रहे हैं उसको देखते हुए सीसीटीवी कैमरे आज की आवश्यक जरूरत हो गए हैं। पुलिस को इनके जरिए ढेर सारी वारदातों का खुलासा कर पाने में मदद मिल जाती है। पर ये कैमरे लगवा तो दिए गए लेकिन इनके रख रखाव का कोई न तो तंत्र बनाया गया न ही इसके लिए किसी बजट का प्रावधान किया गया। नतीजा यह हुआ कि चौराहों पर लगे दर्जन भर कैमरों में एक भी काम नहीं कर रहा है। कंट्रोल रूम का और बुरा हाल है। संवाद
सुंदरबनी शहर के सभी चौक चौराहाें पर लगे सीसीटीवी कैमरों का काम न करना शहर की सुरक्षा के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। पाक सीमा से नजदीक होने के कारण यहां पर अफीम, चिट्टा एवं नशीले पदार्थों की तस्करी खूब होती है। उन पर लगाम लगाने के लिए नगर के कैमरों का ठीक कराया जाना बहुत जरूरी है। प्रशासन को अभियान चलाकर खराब कैमरों को ठीक कराने के साथ कुछ और महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगवाने चाहिए।
सरबजीत शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
एक तरफ देश डिजिटल क्रांति से गुजर रहा है। वहीं सीमा से सटे कस्बे के कैमरे खराब होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यहां शहर के बीचोबीच बने अस्पताल और हायर सेकेंडरी स्कूल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को देखते हुए कैमरों को जल्द से जल्द ठीक कराया जाना चाहिए। इसलिए पुलिस और प्रशासन दोनों को प्राथमिकता के आधार पर इन कैमरों को ठीक करा देना चाहिए।
डॉ. मुल्ख राज शर्मा, संस्थापक हर्ष निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल
सुंदरबनी नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी ने कैमरों के बावत पूछने पर कहा कि हमने 10-15 दिन पहले ही सुंदरबनी नगर पालिका का कार्यभार संभाला है। कैमरों के बंद होने के बारे में पता चला है। इस मुद्दे पर स्टाफ के साथ व्यापक समीक्षा की गई है और यह पाया गया है कि तकनीकी खराबी के चलते ये सभी कैमरे खराब हुए हैं। 15 दिन के भीतर इन सारे कैमरों को ठीक करा दिया जाएगा।
- दिलीप कुमार, कार्यकारी अधिकारी नगर पालिका सुंदरबनी
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आचार्य राजेश पराशर
सुंदरबनी। नगर पालिका सुंदरबनी की दिन रात निगहबानी करने वाले दर्जन भर कैमरे एक साल से बंद पड़े हैं। यह उस कस्बे का हाल है जहां से पाकिस्तान की सीमा मात्र 15 किलोमीटर दूर है।
शहर में होने वाली आपराधिक वारदातों को रोकने और सुरक्षा के नजरिए से संवेदनशील इस कस्बे के चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए लगभग दो-तीन वर्ष पहले शहर के प्रत्येक चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। उसके साथ नगर पालिका कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया था। अब तकनीकी खराबी के चलते ये योजना अपने मकसद में फेल हो गई है।
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सुंदरबनी की संवेदनशीलता देखते हुए यहां कैमरे कितने जरूरी हैं इसे समझा जा सकता है। लोगों ने भी नगरपालिका परिषद की इस पहल का स्वागत किया। इन कैमरों के लगने से नागरिकों के साथ पुलिस भी राहत महसूस कर रही थी।
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जिस तरह से अपराधी हाइटेक हो रहे हैं उसको देखते हुए सीसीटीवी कैमरे आज की आवश्यक जरूरत हो गए हैं। पुलिस को इनके जरिए ढेर सारी वारदातों का खुलासा कर पाने में मदद मिल जाती है। पर ये कैमरे लगवा तो दिए गए लेकिन इनके रख रखाव का कोई न तो तंत्र बनाया गया न ही इसके लिए किसी बजट का प्रावधान किया गया। नतीजा यह हुआ कि चौराहों पर लगे दर्जन भर कैमरों में एक भी काम नहीं कर रहा है। कंट्रोल रूम का और बुरा हाल है। संवाद
सुंदरबनी शहर के सभी चौक चौराहाें पर लगे सीसीटीवी कैमरों का काम न करना शहर की सुरक्षा के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। पाक सीमा से नजदीक होने के कारण यहां पर अफीम, चिट्टा एवं नशीले पदार्थों की तस्करी खूब होती है। उन पर लगाम लगाने के लिए नगर के कैमरों का ठीक कराया जाना बहुत जरूरी है। प्रशासन को अभियान चलाकर खराब कैमरों को ठीक कराने के साथ कुछ और महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगवाने चाहिए।
सरबजीत शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
एक तरफ देश डिजिटल क्रांति से गुजर रहा है। वहीं सीमा से सटे कस्बे के कैमरे खराब होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यहां शहर के बीचोबीच बने अस्पताल और हायर सेकेंडरी स्कूल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को देखते हुए कैमरों को जल्द से जल्द ठीक कराया जाना चाहिए। इसलिए पुलिस और प्रशासन दोनों को प्राथमिकता के आधार पर इन कैमरों को ठीक करा देना चाहिए।
डॉ. मुल्ख राज शर्मा, संस्थापक हर्ष निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल
सुंदरबनी नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी ने कैमरों के बावत पूछने पर कहा कि हमने 10-15 दिन पहले ही सुंदरबनी नगर पालिका का कार्यभार संभाला है। कैमरों के बंद होने के बारे में पता चला है। इस मुद्दे पर स्टाफ के साथ व्यापक समीक्षा की गई है और यह पाया गया है कि तकनीकी खराबी के चलते ये सभी कैमरे खराब हुए हैं। 15 दिन के भीतर इन सारे कैमरों को ठीक करा दिया जाएगा।
- दिलीप कुमार, कार्यकारी अधिकारी नगर पालिका सुंदरबनी