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मीरा का प्रभु चरणों में प्रगाढ़ प्रेम था
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नौशेरा में चल रही कथा में पूजन करते श्रद्धालु।
नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से मथयानी में चल रही श्री हरि कथा में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुमेधा भारती ने भक्तिमति मीरा के जीवन प्रसंग को बड़े ही सुंदर एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।
साध्वी ने बताया कि भक्तिमति मीरा का प्रभु चरणों में प्रगाढ़ प्रेम था, जिसके कारण प्रभु श्रीकृष्ण ने उन्हें अनेक बार दर्शन प्रदान किए। अंतत: मीरा को एक पूर्ण संत रविदास की शरण में भेजा। जहां मीरा ने ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति की और अपने भीतर भी प्रभु के दिव्य अलौकिक ज्योति स्वरूप दर्शन को प्राप्त किया और गुरु आज्ञा में चलते हुए आत्मिक मंजिल की प्राप्ति की। मीरा ने न केवल जीवन के लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति की बल्कि साथ में समाज में व्याप्त अनेक बुराइयां व कुरीतियां उनको भी समाप्त करने के लिए कार्य किया। गली-गली जाकर जनमानस को ब्रह्म ज्ञान का संदेश प्रदान करना मीरा का मुख्य कार्य बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी सुचेता नंद, स्वामी सुकर्मानंद, सुरेखा कोतवाल बीडीसी चेयरमैन मोगला, ठाकुर पूर्ण सिंह रिटायर्ड लेक्चरर मोगला, लाजो देवी रिटायर्ड जेडईओ मोगला, सूरिस्ठा देवी सरपंच मथयानी आदि विशेष तौर पर मौजूद रहे।
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साध्वी ने बताया कि भक्तिमति मीरा का प्रभु चरणों में प्रगाढ़ प्रेम था, जिसके कारण प्रभु श्रीकृष्ण ने उन्हें अनेक बार दर्शन प्रदान किए। अंतत: मीरा को एक पूर्ण संत रविदास की शरण में भेजा। जहां मीरा ने ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति की और अपने भीतर भी प्रभु के दिव्य अलौकिक ज्योति स्वरूप दर्शन को प्राप्त किया और गुरु आज्ञा में चलते हुए आत्मिक मंजिल की प्राप्ति की। मीरा ने न केवल जीवन के लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति की बल्कि साथ में समाज में व्याप्त अनेक बुराइयां व कुरीतियां उनको भी समाप्त करने के लिए कार्य किया। गली-गली जाकर जनमानस को ब्रह्म ज्ञान का संदेश प्रदान करना मीरा का मुख्य कार्य बना रहा।
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कार्यक्रम के दौरान स्वामी सुचेता नंद, स्वामी सुकर्मानंद, सुरेखा कोतवाल बीडीसी चेयरमैन मोगला, ठाकुर पूर्ण सिंह रिटायर्ड लेक्चरर मोगला, लाजो देवी रिटायर्ड जेडईओ मोगला, सूरिस्ठा देवी सरपंच मथयानी आदि विशेष तौर पर मौजूद रहे।
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