फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Rajouri News ›   अमर उजाला फालोअप

अमर उजाला फालोअप

Wed, 11 Apr 2018 01:28 AM IST
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला फालोअप
राजोरी। बाबा गुलाम शाह बादशाह (बीजीएसबी) विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप में डीएम के कड़े रुख व सीएम कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद विवि के वाइस चांसलर ने आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही एक और वरिष्ठ प्रोफेसर पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। विवि प्रशासन मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन

मंगलवार को सुबह करीब दस बजे विवि ने जिला मजिस्ट्रेट एवं डीसी राजोरी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी को बताया कि विवि के वाइस चांसलर ने प्रोफेसर के खिलाफ फिर से जांच शुरू करते हुए जांच पूरी होने तक प्रोफेसर को निलंबित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार डीएम के दबाव व मीडिया में उछली खबरों की भनक सीएम कार्यालय को भी लग गई थी। सीएम कार्यालय से विवि के वाइस चांसलर को प्रोफेसर पर लगे यौन उत्पीड़न के मामले की जांच रिपोर्ट भेजने के निर्देश मिले थे। उधर विवि द्वारा बार-बार अपनी जांच का हवाला देकर प्रोफेसर पर लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए प्रोफेसर को क्लीन चिट देने के बावजूद डीएम ने अपनी जांच बंद नहीं की व सोमवार को विवि को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि विवि ने जांच में सहयोग नहीं दिया तो एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। डीएम के कड़े रुख व सीएम कार्यालय के हस्तक्षेप के चलते विवि को झुकना पड़ा व यौन उत्पीड़न के कथित आरोपी जिस प्रोफेसर को पहले क्लीन चिट दी गई थी उसे मंगलवार को निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन

विवि के रजिस्ट्रार प्रोफेसर इकबाल परवेज ने बताया कि प्रोफेसर के खिलाफ पहले की गई जांच में विवि के पास कोई सुबूत नहीं था। पहले छात्रा द्वारा भेजा गया जो पत्र विवि को मिला था न तो उस पर कोई पता था और न कोई नाम। गुमनाम से पत्र की जांच की गई पर कहीं कोई सुबूत सामने नहीं आया। यही कारण है कि विवि ने पहले प्रोफेसर को क्लीन चिट दी थी। रजिस्ट्रार ने आगे बताया कि दूसरी बार छात्रा ने डीएम को जो पत्र सौंपा था उसके साथ एक सीडी भी दी थी। डीएम ने विवि को वह सीडी सोमवार शाम को ही सौंपी है और सोमवार को ही सीडी वीसी के पास पहुंचते ही वीसी ने सीडी की प्राथमिक जांच कर एक प्रासंगिक जांच कमेटी गठित कर जांच के निर्देश जारी कर दिए। आरोपी प्रोफेसर जांच में कोई बाधा न डाले इसलिए वीसी ने उन्हें भी तत्काल निलंबित कर दिया। अब जब तक जांच कमेटी पूरे मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट पेश नहीं करती प्रोफेसर निलंबित ही रहेंगे और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर रजिस्ट्रार ने बताया कि विवि के ही एक और बहुत वरिष्ठ प्रोफेसर पर भी किसी छात्रा ने ऐसे ही यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं। उस प्रोफेसर पर लगे आरोपों की भी जांच की जा रही है। रजिस्ट्रार ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिस पर भी आरोप सच साबित होते हैं उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed