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वन विभाग और सरकारी भूमि का अवैध अतिक्रमण रोकने के लिए डीएम ने रात के समय जेसीबी की आवाजाही पर रोक लगाई
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राजोरी। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) एवं डीसी राजेश कुमार शवन ने सूर्यास्त के बाद जेसीबी, अन्य मशीनरी के काम को प्रतिबंधित कर दिया है। भू-माफिया अतिक्रमणकारियों द्वारा सरकारी वन भूमि पर अतिक्रमण की कई शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
डीएफओ व अन्य ने जिला प्रशासन को सूचित किया कि भू-माफिया, अतिक्रमणकारी देर रात जंगल और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी का इस्तेमाल करते हैं। वे सरकारी भूमि पर कब्जा करते हैं। सरकारी एजेंसियों एवं वन अधिकारियों के लिए रात के समय में इस तरह की कार्रवाई को रोक पाना मुश्किल हो जाता है। बताया जा रहा है कि नौशेरा स्थित पशु और भेड़पालन विभाग के चारा फार्म की 2880 से अधिक कनाल भूमि पर स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है।
यह मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया और कुछ दिनों के भीतर उन्होंने निदेशक पशुपालन, एसएसपी और अन्य अधिकारियों के साथ चारा फार्म का दौरा किया और अतिक्रमित भूमि के सीमांकन और बाड़ लगाने का आदेश दिया। डीएम ने जिले में रात में जेसीबी, टिप्पर और अन्य मशीनरी के संचालन एवं कामकाज को सूर्य-अस्त और सूर्य-उदय के बीच बंद कर दिया है।
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डीएफओ व अन्य ने जिला प्रशासन को सूचित किया कि भू-माफिया, अतिक्रमणकारी देर रात जंगल और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी का इस्तेमाल करते हैं। वे सरकारी भूमि पर कब्जा करते हैं। सरकारी एजेंसियों एवं वन अधिकारियों के लिए रात के समय में इस तरह की कार्रवाई को रोक पाना मुश्किल हो जाता है। बताया जा रहा है कि नौशेरा स्थित पशु और भेड़पालन विभाग के चारा फार्म की 2880 से अधिक कनाल भूमि पर स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है।
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यह मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया और कुछ दिनों के भीतर उन्होंने निदेशक पशुपालन, एसएसपी और अन्य अधिकारियों के साथ चारा फार्म का दौरा किया और अतिक्रमित भूमि के सीमांकन और बाड़ लगाने का आदेश दिया। डीएम ने जिले में रात में जेसीबी, टिप्पर और अन्य मशीनरी के संचालन एवं कामकाज को सूर्य-अस्त और सूर्य-उदय के बीच बंद कर दिया है।
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