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Kathua News: न बारिश न नहरों में पानी, गेहूं की फसल पर मंडरा रहा खतरा
Tue, 30 Jan 2024 04:36 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 30 Jan 2024 04:36 AM IST
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किसानों ने नहर में पानी छोड़ने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। समय पर बारिश न होने से गेहूं की फसल को हो रहे नुकसान को देखते हुए किसानों ने नहर में पानी छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जल्द फसल की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला तो गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।
किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा पिछले कुछ वर्षों से मौसम की मार लगातार किसानों को आर्थिक तौर से कमजोर कर रही है। पिछले वर्ष बारिश में धान की फसल को नुकसान हुआ तो अब बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने के कारण फसल पीली होना शुरू हो गई है। विशाल शर्मा ने कहा कि सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसल पीली होना शुरू हो गई है। कंडी इलाके में फसल पूरी तरह से मुरझा गई है। नहर में पानी छोड़ा जाता है तो किसानों के लिए बड़ी राहत होगी और खेतों में सिंचाई होने के बाद किसान फसल को खाद भी दे सकेंगे। प्रदीप कुमार ने कहा कि कंडी इलाके में बंदरों के आतंक के चलते पहले ही किसान खेती छोड़ चुके हैं और जिन इलाकों में कुछ किसानों ने थोड़ी बहुत गेहूं की फसल बोई है, बारिश न होने के कारण बर्बादी की कगार पर है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। समय पर बारिश न होने से गेहूं की फसल को हो रहे नुकसान को देखते हुए किसानों ने नहर में पानी छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जल्द फसल की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला तो गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।
किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा पिछले कुछ वर्षों से मौसम की मार लगातार किसानों को आर्थिक तौर से कमजोर कर रही है। पिछले वर्ष बारिश में धान की फसल को नुकसान हुआ तो अब बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने के कारण फसल पीली होना शुरू हो गई है। विशाल शर्मा ने कहा कि सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसल पीली होना शुरू हो गई है। कंडी इलाके में फसल पूरी तरह से मुरझा गई है। नहर में पानी छोड़ा जाता है तो किसानों के लिए बड़ी राहत होगी और खेतों में सिंचाई होने के बाद किसान फसल को खाद भी दे सकेंगे। प्रदीप कुमार ने कहा कि कंडी इलाके में बंदरों के आतंक के चलते पहले ही किसान खेती छोड़ चुके हैं और जिन इलाकों में कुछ किसानों ने थोड़ी बहुत गेहूं की फसल बोई है, बारिश न होने के कारण बर्बादी की कगार पर है।
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