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Kathua News: साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को कोर्ट से मिली राहत, फ्रीज 4.92 लाख रुपये लौटाने का आदेश

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COURT NEWS
कठुआ। मुंसिफ न्यायाधीश की अदालत ने ऑनलाइन ठगी मामले में पीड़ित को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने साइबर सेल द्वारा फ्रीज कराई गई 4 लाख 92 हजार की राशि को उसके बैंक खाते में वापस जमा करने का आदेश दिया है। यह राशि जिला साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई के बाद ठग के बैंक खाते में फ्रीज करवाई गई थी।
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मामले की सुनवाई मुंसिफ न्यायाधीश वीरेन मगोत्रा की अदालत में की गई। कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार, धोखाधड़ी करने वालों में पीड़ित निर्माणधीन कंपनी एम/एस ओम साई राम कंस्ट्रक्शन कंपनी, जिसके प्रोपराइटर/अधिकृत व्यक्ति हरि शाम निवासी गरनेड़ी, हीरानगर के खाते से कुल 4 लाख 92 हजार की राशि निकाल लिए गए थे। रकम दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन से ट्रांसफर हुई थी। इनमें एक खाते से 1 लाख 4 हजार और दूसरे खाते से 3 लाख 88 हजार निकाली गई थी। यह राशि एचडीएफसी बैंक शाखा पथवाल, दयालाचक से निकाल कर सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा हुबली, कर्नाटक में डाली गई थी। इसके बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की गई। साइबर सेल ने संबंधित बैंक से संपर्क कर उस खाते को डेबिट फ्रीज करवा दिया। इसमें उस समय कुल 5 लाख 77 हजार 280 रुपये उपलब्ध थे। जिसमें से 4.92 लाख रुपये शिकायतकर्ता की ठगी गई रकम के रूप में चिन्हित कर सुरक्षित कर लिए गए। मामले की सुनवाई गत 25 अगस्त को की गई। अदालत ने पुलिस रिपोर्ट और संबंधित पक्षों की आपत्तियों का अवलोकन करने के बाद पाया कि 4.92 लाख रुपये शिकायतकर्ता की रकम है और वर्तमान में फर्जीवाड़े से जुड़े खाते में फ्रीज हैं। अदालत ने माना कि रकम वापस करने से जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके बाद अदालत ने साइबर सेल के प्रभारी को निर्देश दिया कि फ्रीज खाते से निकाल कर उसे शिकायतकर्ता के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएं। कोर्ट ने संबंधित बैंक को भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद 30 दिनों के भीतर रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने रकम सुपुर्दनामा के आधार पर जारी करने का आदेश देते हुए यह शर्त भी लगाई है कि यदि भविष्य में कोई बेहतर दावेदार उक्त रकम पर अपना दावा साबित करता है तो सुपुर्ददार उसके दावे की भरपाई करने के लिए जिम्मेदार होगा।
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