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Kathua News: ट्रॉमा सेंटर महानपुर खुद ट्रॉमा में

Mon, 01 Jun 2026 01:11 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Mon, 01 Jun 2026 01:11 AM IST
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Trauma Center Mahanpur itself in trauma
सभी 10 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के पद रिक्त, तीन मेडिकल ऑफिसर के सहारे चल रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए करोड़ों की लागत से स्थापित महानपुर ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य सुविधाएं ठीक नहीं हैं। बिना स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के यह सेंटर खुद ट्रॉमा में है। हालात यह है कि यहां सिर्फ तीन डाक्टर तैनात हैं। गंभीर स्थिति में मरीजों के आने पर उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद जीएमसी जम्मू या जीएमसी कठुआ रेफर कर दिया जाता है। इसके चलते पहाड़ी और ग्रामीण इलाके के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के नाम पर एक डॉक्टर ही तैनात हैं। वह भी लंबे समय से उपजिला अस्पताल हीरानगर में संबद्ध कर दिए गए हैं। वर्तमान में सिर्फ तीन चिकित्सा अधिकारियों और तीन फार्मासिस्ट ही ट्रॉमा सेंटर का संचालन कर रहे हैं, जो केवल आपात स्थिति में आने वाले मरीजों की मरहम-पट्टी कर उन्हें रेफर कर देते हैं। हालांकि ट्रॉमा सेंटर के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के 10 स्वीकृत पद हैं। इसमें स्त्री रोग, फिजीशियन, बाल रोग, सर्जरी, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, ऑर्थोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, रेडियोलॉजी, ईएनटी और पैथोलॉजी डॉक्टर शामिल हैं।
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लंबे समय तक ट्रॉमा सेंटर में एक स्पेशलिस्ट डॉक्टर (पैथोलॉजी) की तैनाती रही है, लेकिन गत दिसंबर में सेवानिवृत होने से यह पद भी खाली हो गया है। अब लोगों को 60 किलोमीटर दूर जीएमसी कठुआ या पठानकोट के निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा हैं। सरकार ने महानपुर सहित जम्मू-संभाग के उधमपुर, रामबन और डोडा में चार ट्रॉमा सेंटर बनाने की घोषणा वर्ष 2008-09 में की थी।
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महानपुर ट्रॉमा सेंटर को श्रेणी-3 स्तर का स्थापित किया गया है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2015-16 में पूरा हो गया था। इस ट्रॉमा सेंटर का उद्देश्य बनी, बसोहली और बिलावर के पहाड़ी इलाके में होनी वाली सड़क दुर्घटनाओं और आपात स्थिति से निपटना अहम था। सूत्रों के अनुसार, एक साल बीत जाने के बाद यहां स्थापित ज्यादातर सुविधाएं बिना इस्तेमाल किए खंडहर में तबदील हो गई है। इसमें ऑपरेशन थिएटर से लेकर महंगी मशीनें तक शामिल हैं।




वर्जन
स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी सरकार और उच्च स्वास्थ्य अधिकारियों के संज्ञान में है। इसे लेकर कई बार सूचित किया जा चुका है। उम्मीद है कि सरकार जल्द इन खाली पदों पर डॉक्टरों की तैनाती करेगी। - रजनीश शर्मा, ब्लॉक मेडिकल अधिकारी, बसोहली
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