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Kathua News: डॉक्टरों को बधिरता की पहचान करने का दिया प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बधिरता की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इस प्रशिक्षण में जिले भर से 40 डॉक्टरों को बधिरता की समस्या की पहचान करने के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के नगरी उपजिला अस्पताल स्थित जिला प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उत्तम चंद, ईएनटी सर्जन डॉ. अश्विनी कुमार और प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. जागृति ठाकुर ने प्रतिभागी डॉक्टरों को बधिरता की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के बारे में बताया और उन्हें विभिन्न स्कूलों व आंगनबाड़ी सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों में बधिरता के मामलों की जांच करने से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान ईएनटी सर्जन और प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य सलाहकार ने बच्चों में बधिरता के पाए जाने वाले मामलों के कारणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों में पाई जाने वाली बधिरता के मामलों में रोग की रोकथाम के बारे में जानकारी दी। ताकि उनकी इस समस्या को जिस स्तर पर है वहीं नियंत्रित किया जा सके।
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रैणा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में चिकित्सा अधिकारियों और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े डॉक्टरों के कौशल और ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ाया जा सके।
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कठुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बधिरता की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इस प्रशिक्षण में जिले भर से 40 डॉक्टरों को बधिरता की समस्या की पहचान करने के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के नगरी उपजिला अस्पताल स्थित जिला प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उत्तम चंद, ईएनटी सर्जन डॉ. अश्विनी कुमार और प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. जागृति ठाकुर ने प्रतिभागी डॉक्टरों को बधिरता की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के बारे में बताया और उन्हें विभिन्न स्कूलों व आंगनबाड़ी सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों में बधिरता के मामलों की जांच करने से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी।
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कार्यक्रम के दौरान ईएनटी सर्जन और प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य सलाहकार ने बच्चों में बधिरता के पाए जाने वाले मामलों के कारणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों में पाई जाने वाली बधिरता के मामलों में रोग की रोकथाम के बारे में जानकारी दी। ताकि उनकी इस समस्या को जिस स्तर पर है वहीं नियंत्रित किया जा सके।
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रैणा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में चिकित्सा अधिकारियों और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े डॉक्टरों के कौशल और ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ाया जा सके।