{"_id":"68a62d3e41c774887f06fcf2","slug":"the-way-has-been-opened-for-regularization-of-45-thousand-rahbar-e-taleem-teachers-kathua-news-c-10-jmu1054-691054-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: 45 हजार रहबर-ए-तालीम अध्यापकों के नियमित होने की राह खुली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: 45 हजार रहबर-ए-तालीम अध्यापकों के नियमित होने की राह खुली
Thu, 21 Aug 2025 01:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:47 AM IST
विज्ञापन
जम्मू। प्रदेश के स्कूलों में तैनात 45 हजार से ज्यादा रहबर-ए-तालीम अध्यापकों का पक्की नौकरी का सपना जल्द पूरा होने की पूरी उम्मीद है। शिक्षा निदेशालय ने इन अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए जानकारी मांगी है। इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि इन अध्यापकों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत रखा गया था। इस प्रक्रिया में पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले अध्यापक ही पात्र होंगे। अध्यापकों के संबंध में जानकारी निदेशालय ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से मांगी है। साथ ही यह भी कहा गया कि पांच साल का कार्यकाल संतोषजनक होना चाहिए। अध्यापकों को तैनाती के लिए जम्मू कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड से निर्धारित न्यूनतम योग्यता दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इस संबंध में सीईओ रिपोर्ट को निदेशालय में प्रेषित करेंगे। सीईओ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पांच वर्ष का सेवाकाल आदि के बारे में विवरण भेजेंगे।
बता दें कि इसके पहले रहबर-ए-तालीम अध्यापकों को 2018 में भी नियमित किया गया था। इसके छह साल बाद अब फिर से नियमितीकरण के लिए प्रक्रिया आरंभ हो रही है। इन अध्यापकों की तैनाती प्राइमरी स्कूलों में की गई थी। अध्यापक लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर चुके हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद निदेशालय की ओर से सूची जारी होगी और अध्यापकों को नियमित तौर पर सेवा देने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आदेश में कहा गया है कि इन अध्यापकों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत रखा गया था। इस प्रक्रिया में पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले अध्यापक ही पात्र होंगे। अध्यापकों के संबंध में जानकारी निदेशालय ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से मांगी है। साथ ही यह भी कहा गया कि पांच साल का कार्यकाल संतोषजनक होना चाहिए। अध्यापकों को तैनाती के लिए जम्मू कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड से निर्धारित न्यूनतम योग्यता दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इस संबंध में सीईओ रिपोर्ट को निदेशालय में प्रेषित करेंगे। सीईओ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पांच वर्ष का सेवाकाल आदि के बारे में विवरण भेजेंगे।
विज्ञापन
बता दें कि इसके पहले रहबर-ए-तालीम अध्यापकों को 2018 में भी नियमित किया गया था। इसके छह साल बाद अब फिर से नियमितीकरण के लिए प्रक्रिया आरंभ हो रही है। इन अध्यापकों की तैनाती प्राइमरी स्कूलों में की गई थी। अध्यापक लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर चुके हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद निदेशालय की ओर से सूची जारी होगी और अध्यापकों को नियमित तौर पर सेवा देने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन