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Kathua News: तूफान ने बरपाया कहर<bha>;</bha> तीन घायल, बिजली के 500 खंभे टूटे
Fri, 18 Apr 2025 01:39 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:39 AM IST
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हाउसिंग कॉलोनी में तूफान से मकान को पहुंचा नुकसान। संवाद
- फोटो : kathua
पांच करोड़ से अधिक का नुकसान, 22 फीडराें पर 26 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी
कठुआ। जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने तबाही मचाई। डिंगा अंब में दो लोगों को चोटें आई हैं। छन्न दित्याल और कठुआ पुलिस लाइन मार्ग के पास एक-एक व्यक्ति के तूफान से घायल होने की जानकारी आई है। बिजली ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
रामकोट में बुधवार रात्रि हुई तूफान की वजह से कुल 83 कच्चे मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा, जिसमें मकानों की टिन उड़ गई और दीवारें गिर गईं हैं। तहसीलदार रामकोट जितेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी और तूफान से रामकोट के भूल इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके साथ आमुआला के बेरल, कोरीथियाल, मकवाल, रजवालता, कंधारनू, सलोड, लाखडी अभी में भी नुकसान दर्ज हुआ है।
पंचायत आमुआला में स्थित पोल्ट्री फार्म में नुकसान देखा गया है, जहां तूफान से सैकड़ों चूजे मर गए। बिलावर में 14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। हीरानगर और कठुआ में भी कई ढांचों को नुकसान पहुंचा है। सरकारी मिडिल स्कूल बडोली में दो कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिलावर और महानपुर इलाके में कई जगह किचन शेड को भी नुकसान पहुंचा है। अपर प्राइमरी स्कूल गूडा मुंडेयां की चाहरदिवारी को भी क्षति पहुंची है।
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तूफान से बिजली ढांचे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। 36 घंटे के बाद भी 22 फीडरों पर बिजली बहाल नहीं हो पाई है। जिले के 159 फीडर तूफान के बीच ठप हो गए थे। इनमें वीरवार सुबह बिजली बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया गया। विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग 500 खंभे अलग-अलग जगह पर टूटे हैं। 10 किलोमीटर बिजली तारों को नुकसान पहुंचा है। अनुमानित नुकसान पांच करोड़ के लगभग का है। बिजली बहाली के लिए प्रयास जारी हैं।
तूफान ने आम और लीची को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अधिकांश हिस्सों में आम पर आए 70 फीसदी तक फल गिर गए हैं। जिससे बागवान भी परेशान हैं। प्रशासन की ओर से जिले में हुए नुकसान का आकलन जारी है।
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कठुआ। जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने तबाही मचाई। डिंगा अंब में दो लोगों को चोटें आई हैं। छन्न दित्याल और कठुआ पुलिस लाइन मार्ग के पास एक-एक व्यक्ति के तूफान से घायल होने की जानकारी आई है। बिजली ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
रामकोट में बुधवार रात्रि हुई तूफान की वजह से कुल 83 कच्चे मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा, जिसमें मकानों की टिन उड़ गई और दीवारें गिर गईं हैं। तहसीलदार रामकोट जितेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी और तूफान से रामकोट के भूल इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसके साथ आमुआला के बेरल, कोरीथियाल, मकवाल, रजवालता, कंधारनू, सलोड, लाखडी अभी में भी नुकसान दर्ज हुआ है।
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पंचायत आमुआला में स्थित पोल्ट्री फार्म में नुकसान देखा गया है, जहां तूफान से सैकड़ों चूजे मर गए। बिलावर में 14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। हीरानगर और कठुआ में भी कई ढांचों को नुकसान पहुंचा है। सरकारी मिडिल स्कूल बडोली में दो कमरे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिलावर और महानपुर इलाके में कई जगह किचन शेड को भी नुकसान पहुंचा है। अपर प्राइमरी स्कूल गूडा मुंडेयां की चाहरदिवारी को भी क्षति पहुंची है।
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तूफान से बिजली ढांचे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। 36 घंटे के बाद भी 22 फीडरों पर बिजली बहाल नहीं हो पाई है। जिले के 159 फीडर तूफान के बीच ठप हो गए थे। इनमें वीरवार सुबह बिजली बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया गया। विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग 500 खंभे अलग-अलग जगह पर टूटे हैं। 10 किलोमीटर बिजली तारों को नुकसान पहुंचा है। अनुमानित नुकसान पांच करोड़ के लगभग का है। बिजली बहाली के लिए प्रयास जारी हैं।
तूफान ने आम और लीची को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। अधिकांश हिस्सों में आम पर आए 70 फीसदी तक फल गिर गए हैं। जिससे बागवान भी परेशान हैं। प्रशासन की ओर से जिले में हुए नुकसान का आकलन जारी है।