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Kathua News: हिंदी दिवस पर विद्यार्थियों ने कविता और नाट्य प्रस्तुति से बांधा समां
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें हिंदी की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और तेजी से बदलते डिजिटल दौर में भाषा के बढ़ते महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिंदी और भविष्य, हिंदी में रोजगार के अवसर, डिजिटल युग में हिंदी, राष्ट्रीय एकीकरण में हिंदी की भूमिका, हिंदी के समक्ष चुनौतियां और समाधान तथा युवा और हिंदी जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान हिंदी को बदलते समय के साथ और अधिक प्रभावी बनाने तथा युवाओं को भाषा से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया गया। इस मौके पर हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपने लगाव और भावनाओं को अभिव्यक्त किया। इसके अलावा विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध हिंदी कहानी चीफ की दावत का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया। हिंदी विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन में तैयार इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया और खूब सराहना हासिल की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. जय पाल सिंह ने हिंदी के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर विचार रखते हुए कहा कि हिंदी ने समय-समय पर अपनी उपयोगिता और सामर्थ्य साबित की है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में हिंदी का विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ता प्रयोग और डिजिटल माध्यमों में इसकी बढ़ती मौजूदगी इसकी समृद्धि, सहजता और व्यापक पहुंच को दर्शाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिंदी का आत्मविश्वास के साथ प्रयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की छात्रा लक्ष्मी ने किया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमारी ने अतिथियों और हिंदी प्रेमियों का स्वागत किया, जबकि हिंदी विभाग के सहायक प्रोफेसर राम मूर्ति ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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कठुआ। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें हिंदी की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और तेजी से बदलते डिजिटल दौर में भाषा के बढ़ते महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिंदी और भविष्य, हिंदी में रोजगार के अवसर, डिजिटल युग में हिंदी, राष्ट्रीय एकीकरण में हिंदी की भूमिका, हिंदी के समक्ष चुनौतियां और समाधान तथा युवा और हिंदी जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान हिंदी को बदलते समय के साथ और अधिक प्रभावी बनाने तथा युवाओं को भाषा से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया गया। इस मौके पर हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपने लगाव और भावनाओं को अभिव्यक्त किया। इसके अलावा विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध हिंदी कहानी चीफ की दावत का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया। हिंदी विभागाध्यक्ष के मार्गदर्शन में तैयार इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया और खूब सराहना हासिल की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. जय पाल सिंह ने हिंदी के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर विचार रखते हुए कहा कि हिंदी ने समय-समय पर अपनी उपयोगिता और सामर्थ्य साबित की है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में हिंदी का विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ता प्रयोग और डिजिटल माध्यमों में इसकी बढ़ती मौजूदगी इसकी समृद्धि, सहजता और व्यापक पहुंच को दर्शाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिंदी का आत्मविश्वास के साथ प्रयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की छात्रा लक्ष्मी ने किया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमारी ने अतिथियों और हिंदी प्रेमियों का स्वागत किया, जबकि हिंदी विभाग के सहायक प्रोफेसर राम मूर्ति ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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