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Kathua News: परियोजना के तहत कार्यों को समय पर किया जाए पूरा
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एचएडीपी के तहत बैठक की अध्यक्षता करते मिशन निदेशक
- भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों पर भी ली मिशन निदेशक ने जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। समग्र कृषि विकास परियोजना का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाए। यह बात परियोजना के मिशन निदेशक संदीप कुमार ने बैठक में कही। मिशन निदेशक ने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में कार्यान्वित विभिन्न एचएडीपी परियोजनाओं के अंतर्गत भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों की समीक्षा भी की।
कृषि निदेशक अनिल गुप्ता ने कहा कि चालू माह के अंत तक शत-प्रतिशत व्यय लक्ष्य प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसान साथी पोर्टल की गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी लंबित स्वीकृतियों का तुरंत निपटारा किया जाए। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि निष्क्रिय आवेदनों को व्यवस्थित रूप से हटाया जाए और सहायता की आवश्यकता वाले वास्तविक लाभार्थियों का शीघ्र पंजीकरण किया जाए।
मिशन निदेशक ने वास्तविक समय की निगरानी के लिए मिशन निदेशालय के साथ साझा किए जाने वाले जीपीएस निर्देशांक के साथ नियमित रूप से फोटो दस्तावेजीकरण के महत्व पर भी बल दिया। स्वदेशी बाजरा किस्मों की जीआई टैगिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने एसकेयूएएसटी से इस प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। एसकेयूएएसटी-जम्मू ने बताया कि ऐसी सात बाजरा किस्मों पर पहले से ही काम चल रहा है। मिशन निदेशक ने किसानों द्वारा व्यापक रूप से अपनाए जाने हेतु एसकेयूएएसटी जम्मू और एसकेयूएएसटी कश्मीर द्वारा अपने-अपने निदेशालयों के साथ पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज (पीओपी) के विकास और साझाकरण पर जोर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। समग्र कृषि विकास परियोजना का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाए। यह बात परियोजना के मिशन निदेशक संदीप कुमार ने बैठक में कही। मिशन निदेशक ने सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में कार्यान्वित विभिन्न एचएडीपी परियोजनाओं के अंतर्गत भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों की समीक्षा भी की।
कृषि निदेशक अनिल गुप्ता ने कहा कि चालू माह के अंत तक शत-प्रतिशत व्यय लक्ष्य प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसान साथी पोर्टल की गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की और निर्देश दिया कि सभी लंबित स्वीकृतियों का तुरंत निपटारा किया जाए। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि निष्क्रिय आवेदनों को व्यवस्थित रूप से हटाया जाए और सहायता की आवश्यकता वाले वास्तविक लाभार्थियों का शीघ्र पंजीकरण किया जाए।
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मिशन निदेशक ने वास्तविक समय की निगरानी के लिए मिशन निदेशालय के साथ साझा किए जाने वाले जीपीएस निर्देशांक के साथ नियमित रूप से फोटो दस्तावेजीकरण के महत्व पर भी बल दिया। स्वदेशी बाजरा किस्मों की जीआई टैगिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने एसकेयूएएसटी से इस प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। एसकेयूएएसटी-जम्मू ने बताया कि ऐसी सात बाजरा किस्मों पर पहले से ही काम चल रहा है। मिशन निदेशक ने किसानों द्वारा व्यापक रूप से अपनाए जाने हेतु एसकेयूएएसटी जम्मू और एसकेयूएएसटी कश्मीर द्वारा अपने-अपने निदेशालयों के साथ पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज (पीओपी) के विकास और साझाकरण पर जोर दिया।
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