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Kathua News: 50 प्रतिशत तक बढ़ गए गुच्छी-मशरूम के दाम

Sat, 31 May 2025 01:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sat, 31 May 2025 01:06 AM IST
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The price of Gucchi-mushroom increased by 50 percent
- आतंकवाद ने प्रभावित की बनी और बिलावर के जंगलों में गुच्छी मशरूम एकत्रित करने की सालाना प्रक्रिया
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- डुग्गर संस्कृति के राजभोज में हासिल है अहम स्थान

संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। लजीज, जायकेदार और औषधीय गुणों से भरपूर ब्लैक मारेल (गुच्छियों) के स्थानीय दाम इस साल 50 प्रतिशत बढ़ गए हैं। जिले में आतंकवाद के दंश के बीच ग्रामीण जंगल में जाकर गुच्छियों को एकत्रित करने से कतरा रहे हैं। यही वजह है कि इस साल बांजल बटवाल इलाके से सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 20 किलो गुच्छी ही एकत्रित हो पाई है। उधर, बनी में भी केवल भंडार इलाके से गुच्छी मशरूम एकत्रित हो पाई है, जो केवल 106 किलो ही रही।
जिले के पहाड़ी इलाकों बनी, मछेड़ी और सदरोता में पाई जाने वाली इन दुर्लभ गुच्छियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आलम यह है कि जिस इलाके में यह पाई जाती है, वहीं इसे ढूंढना मुश्किल है। दरअसल, अपने राज्यों की तुलना में अन्य राज्यों में इसकी भारी मांग और अधिक दाम मिलने से इसकी तस्करी का बाजार भी बढ़ा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार ब्लैक मारेल (गुच्छियों) के दामों में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। पैदावार बढ़ने की उम्मीद के बीच आतंकी गतिविधियों के बढ़ने से लोगों ने जंगल की ओर जाना कम कर दिया है। स्थानीय बाजार में ही गत वर्ष के मुकाबले इस बार गुच्छियों का दाम 20 हजार रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। उधर, जिले से बाहर बाजार में इसकी बिक्री 30 से 40 हजार रुपये प्रति किलो में हो रही है।
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ब्लैक मारेल एक तरह से काला मशरूम

ब्लैक मारेल एक तरह से काला मशरूम है। यह शुद्ध शाकाहारी होने के बावजूद स्वाद में मांसाहार से कम नहीं होता। औषधीय गुणों से भरपूर इस उत्पाद को डुग्गर संस्कृति के राज भोज में अहम स्थान हासिल है। यह जनवरी से मार्च और बरसात के बाद के कुछ महीनों में पहाड़ी इलाकों में ही उत्पन्न होती है। लोग मानते हैं कि आसमानी बिजली की गड़गड़हाट के बीच देवदार के घने जंगलों में ब्लैक मारेल उत्पन्न होती है। वन विभाग हर वर्ष बोली प्रक्रिया से इसे बेचने के लिए लाइसेंस जारी करता है। बिलावर रेंज में गुच्छियों की उपलब्धता कम रहती है, लेकिन बनी और सदरोता में कई लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं।
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मारेल के औषधीय गुण


मशरूम की तरह मारेल में विटामिन बी कांप्लेक्स, विटामिन डी और अमिनो एसिड प्रचूर मात्रा में होते हैं। मगर मारेल मशरूम में सीआईएस एमिनो एसिड विरले पाया जाता है। पालिसैक्राइड एंटिवायरल, एमिनो रेग्यूलेटरी और ट्यूमर विरोधी तत्व पाए जाते हैं। मुख्य रूप से मारेल हृदय रोग और कोलेस्ट्राल रोकने में सहायक होते हैं। मारेल में ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने के अद्भुत गुण पाए जाते हैं।
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