{"_id":"6830cbd9c87c44a0c00b2bfe","slug":"the-court-ordered-the-release-of-the-vehicle-carrier-kathua-news-c-201-1-knt1008-120374-2025-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: अदालत ने वाहन मालवाहक की रिहाई का आदेश दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: अदालत ने वाहन मालवाहक की रिहाई का आदेश दिया
Sat, 24 May 2025 12:56 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 24 May 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
आवेदक ने स्वयं को पंजीकृत मालिक बताकर वाहन की रिहाई के लिए अदालत में किया था आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जेएमआईसी बिलावर कोर्ट ने आवेदक की याचिका पर सुनवाई करते हुए मालवाहक की अस्थायी रिहाई का आदेश दिया है। आवेदक ने स्वयं को पंजीकृत मालिक बताकर वाहन की रिहाई के लिए अदालत में आवेदन किया था। इस वाहन को थाना बिलावर पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में जब्त किया था।
कोर्ट ने बताया कि पुलिस रिपोर्ट और जांच की स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया कि वाहन का पुलिस हिरासत में रहना कोई विशेष उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं करता। साथ ही यदि वाहन लंबे समय तक उपयोग नहीं किया जाता, तो यह यांत्रिक रूप से अनुपयोगी हो सकता है। न्यायाधीश प्रशांत कुमार ने निर्देश दिया कि वाहन को आवेदक अरुण कटाल को सुपुर्दनामा पर अस्थायी रूप से सौंप दिया जाए। आवेदक को सुनिश्चित करना होगा कि वह वाहन को बेचेगा नहीं, न उसका रंग बदलेगा और न ही इसमें कोई संरचनात्मक परिवर्तन करेगा। इसके अलावा एसएचओ थाना बिलावर को निर्देश दिया गया कि वाहन को रिहा करने से पहले उसकी यांत्रिक जांच करें, मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र और वैध बीमा दस्तावेज सुरक्षित रखें और वाहन की तस्वीरें खींचकर उचित रसीद के साथ रिहा करें।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जेएमआईसी बिलावर कोर्ट ने आवेदक की याचिका पर सुनवाई करते हुए मालवाहक की अस्थायी रिहाई का आदेश दिया है। आवेदक ने स्वयं को पंजीकृत मालिक बताकर वाहन की रिहाई के लिए अदालत में आवेदन किया था। इस वाहन को थाना बिलावर पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में जब्त किया था।
कोर्ट ने बताया कि पुलिस रिपोर्ट और जांच की स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया कि वाहन का पुलिस हिरासत में रहना कोई विशेष उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं करता। साथ ही यदि वाहन लंबे समय तक उपयोग नहीं किया जाता, तो यह यांत्रिक रूप से अनुपयोगी हो सकता है। न्यायाधीश प्रशांत कुमार ने निर्देश दिया कि वाहन को आवेदक अरुण कटाल को सुपुर्दनामा पर अस्थायी रूप से सौंप दिया जाए। आवेदक को सुनिश्चित करना होगा कि वह वाहन को बेचेगा नहीं, न उसका रंग बदलेगा और न ही इसमें कोई संरचनात्मक परिवर्तन करेगा। इसके अलावा एसएचओ थाना बिलावर को निर्देश दिया गया कि वाहन को रिहा करने से पहले उसकी यांत्रिक जांच करें, मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र और वैध बीमा दस्तावेज सुरक्षित रखें और वाहन की तस्वीरें खींचकर उचित रसीद के साथ रिहा करें।
विज्ञापन