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Kathua News: आबकारी मामले में आरोपी को छह साल बाद किया बरी
Wed, 07 May 2025 01:07 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 07 May 2025 01:07 AM IST
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-साल 2018 में आरोपी को अवैध शराब के साथ किया था गिरफ्तार
कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट मामले में आरोपी को कोर्ट ने छह साल बाद बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार मामले की जांच एक ऐसे अधिकारी की ओर से की गई है जो इस जांच के लिए सक्षम नहीं था। लिहाजा आरोपी पर दोष साबित होने की कोई संभावना नहीं है।
मामले में चालान को केवल इस आधार पर ही खारिज करने का निर्देश दिया जाता है और आरोपी को आबकारी अधिनियम की धारा 48 (ए) के तहत बरी कर उसके जमानती और व्यक्तिगत बांड को भी खारिज कर दिया है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी जय कुमार निवासी मीरपुर जग्गो कठुआ पुलिस ने अवैध शराब (लाहन) के साथ वर्ष 2018 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कठुआ थाना में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 48 (ए) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ 31 दिसंबर 2018 को आरोप तय किए गए थे। इसके बाद कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आरोपी के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में तीन गवाह पेश किए थे। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक सोम राज की ओर से गई थी, जो आबकारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत ऐसा करने के लिए सक्षम नहीं थे। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि आबकारी अधिनियम के स्थापित कानूनों के मुताबिक मामले की जांच उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी या उस से ऊपर के अधिकारी की ओर से की जानी चाहिए थी। लिहाजा मामले में चालान को खारिज करने की अपील की गई। इसे कोर्ट ने मान लिया और आरोपी को बरी करने का आदेश सुनाया। संवाद
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कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट मामले में आरोपी को कोर्ट ने छह साल बाद बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार मामले की जांच एक ऐसे अधिकारी की ओर से की गई है जो इस जांच के लिए सक्षम नहीं था। लिहाजा आरोपी पर दोष साबित होने की कोई संभावना नहीं है।
मामले में चालान को केवल इस आधार पर ही खारिज करने का निर्देश दिया जाता है और आरोपी को आबकारी अधिनियम की धारा 48 (ए) के तहत बरी कर उसके जमानती और व्यक्तिगत बांड को भी खारिज कर दिया है।
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पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी जय कुमार निवासी मीरपुर जग्गो कठुआ पुलिस ने अवैध शराब (लाहन) के साथ वर्ष 2018 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कठुआ थाना में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 48 (ए) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ 31 दिसंबर 2018 को आरोप तय किए गए थे। इसके बाद कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आरोपी के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में तीन गवाह पेश किए थे। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक सोम राज की ओर से गई थी, जो आबकारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत ऐसा करने के लिए सक्षम नहीं थे। आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि आबकारी अधिनियम के स्थापित कानूनों के मुताबिक मामले की जांच उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी या उस से ऊपर के अधिकारी की ओर से की जानी चाहिए थी। लिहाजा मामले में चालान को खारिज करने की अपील की गई। इसे कोर्ट ने मान लिया और आरोपी को बरी करने का आदेश सुनाया। संवाद
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