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Kathua News: लखनपुर में हाईवे की ट्यूब को बचाने के लिए चार जगहों पर जुटी सेना
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लखनपुर रावी दरिया के बहाव से होने वाले कटाव को रोकने के लिए क्रेट डालते सेना के जवान। संवाद
- फोटो : संवाद
जम्मू कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर में बाहरी राज्यों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की एक ट्यूब क्षतिग्रस्त होने के बाद दूसरी को बचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी रहा। रविवार की दिनभर सेना की मदद से मुख्य चार जगहों पर क्रेट डालकर पानी के बहाव को मोड़ने की कोशिश की जाती रही।
बता दें कि 24 अगस्त को रावी दरिया में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुआ लगभग 150 मीटर लंबा बांध का पुनर्निर्माण सहित प्रवेशद्वार लखनपुर में सरकारी इमारतों को बचाने के लिए चार जगहों पर कार्य में सेना बड़ी भूमिका निभा रही है। पंजाब सिंचाई विभाग, हाईवे प्राधिकरण और जम्मू-कश्मीर सिंचाई विभाग पिछले कई दिनों से हाईवे की एक ट्यूब पर यातायात को बहाल करने की हरसंभव कोशिश में लगी थी, लेकिन अच्छे परिणाम सामने नहीं आ रहे थे।
इसके चलते शनिवार को सेना को बचाव कार्य में उतार गया। रविवार को दिनभर सेना की मदद से मुख्य चार जगहों पर क्रेट डालकर पानी के बहाव को मोड़ने की कोशिश की जाती रही। फिलहाल अस्थाई तौर बांध बनाने में जुटे सेना के जवान और पंजाब सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दो दिन के मुकाबले रविवार को पानी के बहाव में कमी आई है, लेकिन फिर भी पानी की गहराई 20 फीट से ज्यादा है। इसके चलते धीरे-धीरे पत्थरों से भरे क्रेट को पानी में फेंका जा रहा है।
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बांध बनाने में जुटे सेना के जवान पूरे दिन रावी दरिया के एक छोर से सिर्फ 10 मीटर लंबा और 20 फीट चौड़ा बांध का ही निर्माण कर पाए हैं। वहीं तीन अलग-अलग जगहों पर पर्यटन विभाग के बजट अकोमेडेशन इमारत, पशुपालक विभाग की रेंडर चेक पोस्ट और हाईवे की दूसरी ट्यूब को भी बचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
सेना के अधिकारियों की माने तो पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए बिना पानी में मशीनें उतारे एक सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं अगर दरिया में पानी का बहाव कम हुआ और मशीनें और बांध बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री दरिया में पहुंची तो चार से पांच दिनों के भीतर बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सकता है।
24 अगस्त की रात और उसके अगले दिन रंजीत सागर डैम में बारिश के बाद लगातार बढ़ रहे जलस्तर को छोड़े जाने और समय रहते पंजाब के माधौपुर में बैराज न खुलने से बाढ़ ने लखनपुर में भारी तबाही मचाई थी। इसके चलते हाईवे की एक ट्यूब, पर्यटन विभाग का बजट अकोमोडेशन इमारत पूरी तरह बह गई थी। जबकि पशुपालन विभाग की चेक पोस्ट और पर्यटन विभाग की दो अन्य इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा था। बीते शुक्रवार को फिर एक बार रंजीत सागर डैम के फ्लड गेट खोलने के बाद आई बाढ़ से इन इमारतों और हाईवे की दूसरी ट्यूब पर भी खतर मंडराने लगा। इसके बाद मंडलायुक्त ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित लखनपुर का दौरा कर हाईवे की दूसरी ट्यूब को बचाने के आवश्यक निर्देश दिए थे।
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बता दें कि 24 अगस्त को रावी दरिया में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुआ लगभग 150 मीटर लंबा बांध का पुनर्निर्माण सहित प्रवेशद्वार लखनपुर में सरकारी इमारतों को बचाने के लिए चार जगहों पर कार्य में सेना बड़ी भूमिका निभा रही है। पंजाब सिंचाई विभाग, हाईवे प्राधिकरण और जम्मू-कश्मीर सिंचाई विभाग पिछले कई दिनों से हाईवे की एक ट्यूब पर यातायात को बहाल करने की हरसंभव कोशिश में लगी थी, लेकिन अच्छे परिणाम सामने नहीं आ रहे थे।
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इसके चलते शनिवार को सेना को बचाव कार्य में उतार गया। रविवार को दिनभर सेना की मदद से मुख्य चार जगहों पर क्रेट डालकर पानी के बहाव को मोड़ने की कोशिश की जाती रही। फिलहाल अस्थाई तौर बांध बनाने में जुटे सेना के जवान और पंजाब सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दो दिन के मुकाबले रविवार को पानी के बहाव में कमी आई है, लेकिन फिर भी पानी की गहराई 20 फीट से ज्यादा है। इसके चलते धीरे-धीरे पत्थरों से भरे क्रेट को पानी में फेंका जा रहा है।
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बांध बनाने में जुटे सेना के जवान पूरे दिन रावी दरिया के एक छोर से सिर्फ 10 मीटर लंबा और 20 फीट चौड़ा बांध का ही निर्माण कर पाए हैं। वहीं तीन अलग-अलग जगहों पर पर्यटन विभाग के बजट अकोमेडेशन इमारत, पशुपालक विभाग की रेंडर चेक पोस्ट और हाईवे की दूसरी ट्यूब को भी बचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
सेना के अधिकारियों की माने तो पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए बिना पानी में मशीनें उतारे एक सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं अगर दरिया में पानी का बहाव कम हुआ और मशीनें और बांध बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री दरिया में पहुंची तो चार से पांच दिनों के भीतर बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सकता है।
24 अगस्त की रात और उसके अगले दिन रंजीत सागर डैम में बारिश के बाद लगातार बढ़ रहे जलस्तर को छोड़े जाने और समय रहते पंजाब के माधौपुर में बैराज न खुलने से बाढ़ ने लखनपुर में भारी तबाही मचाई थी। इसके चलते हाईवे की एक ट्यूब, पर्यटन विभाग का बजट अकोमोडेशन इमारत पूरी तरह बह गई थी। जबकि पशुपालन विभाग की चेक पोस्ट और पर्यटन विभाग की दो अन्य इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा था। बीते शुक्रवार को फिर एक बार रंजीत सागर डैम के फ्लड गेट खोलने के बाद आई बाढ़ से इन इमारतों और हाईवे की दूसरी ट्यूब पर भी खतर मंडराने लगा। इसके बाद मंडलायुक्त ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित लखनपुर का दौरा कर हाईवे की दूसरी ट्यूब को बचाने के आवश्यक निर्देश दिए थे।