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तेज आंधी ने उड़ाई पीएचसी की छत
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बीती रात आई आंधी से क्षतिग्रस्त कोटी चंडियार पीएचसी की इमारत। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। बीती शनिवार की रात हुई तेज बारिश और आंधी ने जिला के दूरदराज पहाड़ी कोटी चंडियार पीएचसी की छत को उड़ा दिया। इस दौरान रात भर हुई बारिश से पीएचसी में मरीजों के लिए लगे बिस्तरों की हालत खराब कर दी। वहीं, वहां रखी काफी दवाएं भी भीग कर खराब हो गई है।
इस बारे में पीएचसी में अपनी सेवाएं देने वाले डॉ. रामेश्वर ठाकुर ने बताया कि करीब तीस वर्ष पुरानी इमारत पहले ही खस्ताहाल थी। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों के अलावा डीसी को भी अवगत करवाया जा चुका है। इसके बावजूद इसकी सुध नहीं ली गई। रात को हुई बारिश और आंधी ने अब इसे पूरी तरह से असुरक्षित बना दिया है। गनीमत रही है कि इस दौरान टीन के गिरने से कोई घायल नही हुआ है। उन्होंने बताया कि जिस समय यह घटना हुई तो पीएचसी में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी ही वहां मौजूद थी, जिसे रात भर भीग कर गुजारना पड़ा। अब इमारत के अभाव में उन्हें एक निजी भवन के कमरे में पीएचसी चलाना पड़ रहा है।
इस बारे में स्थानीय पंच यासीन मलिक ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि दूरदराज के इस क्षेत्र में पीएचसी के अलावा कोई ऐसा संस्थान नहीं, जहां जाकर लोग अपना इलाज करवा सकें। कोटी चंडियार के साथ लगने वाले दौला, सुरजन बांजल और बैक्कन के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले पीएचसी की सुध न लिए जाने के कारण आज उन्हें इस सुविधा से भी महरूम होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पीएचसी की इमारत की जल्द मरम्मत करवाने के साथ नए कमरों का निर्माण कराए जाने की मांग की।
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इस बारे में पीएचसी में अपनी सेवाएं देने वाले डॉ. रामेश्वर ठाकुर ने बताया कि करीब तीस वर्ष पुरानी इमारत पहले ही खस्ताहाल थी। इस बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों के अलावा डीसी को भी अवगत करवाया जा चुका है। इसके बावजूद इसकी सुध नहीं ली गई। रात को हुई बारिश और आंधी ने अब इसे पूरी तरह से असुरक्षित बना दिया है। गनीमत रही है कि इस दौरान टीन के गिरने से कोई घायल नही हुआ है। उन्होंने बताया कि जिस समय यह घटना हुई तो पीएचसी में तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी ही वहां मौजूद थी, जिसे रात भर भीग कर गुजारना पड़ा। अब इमारत के अभाव में उन्हें एक निजी भवन के कमरे में पीएचसी चलाना पड़ रहा है।
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इस बारे में स्थानीय पंच यासीन मलिक ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि दूरदराज के इस क्षेत्र में पीएचसी के अलावा कोई ऐसा संस्थान नहीं, जहां जाकर लोग अपना इलाज करवा सकें। कोटी चंडियार के साथ लगने वाले दौला, सुरजन बांजल और बैक्कन के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले पीएचसी की सुध न लिए जाने के कारण आज उन्हें इस सुविधा से भी महरूम होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पीएचसी की इमारत की जल्द मरम्मत करवाने के साथ नए कमरों का निर्माण कराए जाने की मांग की।
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