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शहर में रोष रैली निकालकर किया सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
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नियमित किए जाने की मांग पर 10 दिनों से हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने शहर में रोष रैली निकाली। इस दौरान लोगों से समर्थन मांगा। रैली मुखर्जी चौक से शुरू होकर पुराने गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल चौक, शहीदी चौक, पारलीवंड, जराई चौक फिर नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर संपन्न हुई।
अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के राज्य प्रधान लक्की चीदा ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों के लिए अभी तक कोई योजना नहीं बना पाई है। सिर्फ कोरे आश्वासनों से काम चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को विभाग के निदेशक से मुलाकात हुई थी, लेकिन उनके पास भी सफाई कर्मचारियों को देने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आज सभी 36 नगर निकायों में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर है। इसके चलते जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। अगर सरकार का रवैया ऐसा ही रहा, तो आने वाले दिनों में सभी सड़कों और गलियाें के अलावा प्रमुख स्थान कचरे से पट जाएंगे। चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने जल्द सफाई कर्मचारियों की मांगें नहीं मानीं, तो आने वाले दिनों में सभी कर्मचारी परिवार के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करने पहुंचे डोगरा स्वाभिमान संगठन के चेयरमैन चौधरी लाल सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान चलाकर देश को साफ सुथरा बनाए रखने की बात कहती है। वही इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी सफाई कर्मचारी को उसके हकों से वंचित रखा जा रहा है। यहसरासर नाइंसाफी है। अगर जल्द ही सरकार सफाई कर्मचारियों को उनका हक नहीं देती है, तो डोगरा सोमवार संगठन सफाई कर्मचारियों के संघर्ष में शामिल होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाएगा।
हीरानगर में नगरपालिका समिति कार्यालय के बाहर जताया रोष
हीरानगर। नगरपालिका समिति के अधीन आने वाले सफाई और अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। समिति कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कहा हमें आश्वासन पर कोई भरोसा नहीं रहा। मांग पूरी होने तक हम इसी तरह से हड़ताल पर डटे रहेंगे। अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के नेता मंगल दास ने कहा विभाग की ओर से हमारी हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश की जा रही है। मांगों को पूरा करने के लिए 2 से 3 महीने का वक्त मांगा जा रहा है, जो हमें मंजूर नहीं है। पहले भी हमारे साथ वादाखिलाफी हुई है। संवाद
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अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के राज्य प्रधान लक्की चीदा ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों के लिए अभी तक कोई योजना नहीं बना पाई है। सिर्फ कोरे आश्वासनों से काम चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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सोमवार को विभाग के निदेशक से मुलाकात हुई थी, लेकिन उनके पास भी सफाई कर्मचारियों को देने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आज सभी 36 नगर निकायों में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर है। इसके चलते जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। अगर सरकार का रवैया ऐसा ही रहा, तो आने वाले दिनों में सभी सड़कों और गलियाें के अलावा प्रमुख स्थान कचरे से पट जाएंगे। चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने जल्द सफाई कर्मचारियों की मांगें नहीं मानीं, तो आने वाले दिनों में सभी कर्मचारी परिवार के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करने पहुंचे डोगरा स्वाभिमान संगठन के चेयरमैन चौधरी लाल सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान चलाकर देश को साफ सुथरा बनाए रखने की बात कहती है। वही इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी सफाई कर्मचारी को उसके हकों से वंचित रखा जा रहा है। यहसरासर नाइंसाफी है। अगर जल्द ही सरकार सफाई कर्मचारियों को उनका हक नहीं देती है, तो डोगरा सोमवार संगठन सफाई कर्मचारियों के संघर्ष में शामिल होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाएगा।
हीरानगर में नगरपालिका समिति कार्यालय के बाहर जताया रोष
हीरानगर। नगरपालिका समिति के अधीन आने वाले सफाई और अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। समिति कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कहा हमें आश्वासन पर कोई भरोसा नहीं रहा। मांग पूरी होने तक हम इसी तरह से हड़ताल पर डटे रहेंगे। अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के नेता मंगल दास ने कहा विभाग की ओर से हमारी हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश की जा रही है। मांगों को पूरा करने के लिए 2 से 3 महीने का वक्त मांगा जा रहा है, जो हमें मंजूर नहीं है। पहले भी हमारे साथ वादाखिलाफी हुई है। संवाद