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एफसीआई गोदाम निजी हाथों में सौंपने का विरोध
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कठुआ। शहर के रेलवे रोड स्थित एफसीआई गोदाम का प्रबंधन निजी हाथों में देकर कर्मचारियों को जम्मू स्थानांतरित करने का विरोध किया जा रहा है। मंगलवार को एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों में देश में सरकारी संस्थानों का निजीकरण बंद करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे गोविंदसर पंचायत के पूर्व सरपंच सतपाल महाजन ने कहा कि बीते सोमवार को अचानक हुए एक आदेश के बाद गोदाम में काम करने वाले कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाना किसी तरह से संवैधानिक नहीं हो सकता है। कहा कि पिछले तीन दशक के सेवा दे रहे गोदाम के कर्मचारियों की सेवाएं इसी वर्ष समाप्त हो रही हैं। अब इनको स्थानांतरित किया जाना उन्हें परेशान करने के सिवाय और कुछ नहीं है।
उन्होंने सरकारी संस्थानों के निजीकरण के सरकार के प्रयास की आलोचना करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से यहां केंद्र सरकार द्वारा लिए जा गलत फैसलों को आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। एफसीआई के गोदामों का निजीकरण भी इसी तरह के फैसले की एक कड़ी अंश मात्र है। चेतावनी दी कि गोदामों का प्रबंधन एक व्यक्ति के हाथ में देकर कर्मचारियों को परेशान करने के साथ पूंजीवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर सरकार इस तरह के जनविरोधी फैसले वापस नहीं लेती तो आने वाले दिनों में आंदोलन शुरू कर देंगे।
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प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे गोविंदसर पंचायत के पूर्व सरपंच सतपाल महाजन ने कहा कि बीते सोमवार को अचानक हुए एक आदेश के बाद गोदाम में काम करने वाले कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाना किसी तरह से संवैधानिक नहीं हो सकता है। कहा कि पिछले तीन दशक के सेवा दे रहे गोदाम के कर्मचारियों की सेवाएं इसी वर्ष समाप्त हो रही हैं। अब इनको स्थानांतरित किया जाना उन्हें परेशान करने के सिवाय और कुछ नहीं है।
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उन्होंने सरकारी संस्थानों के निजीकरण के सरकार के प्रयास की आलोचना करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से यहां केंद्र सरकार द्वारा लिए जा गलत फैसलों को आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। एफसीआई के गोदामों का निजीकरण भी इसी तरह के फैसले की एक कड़ी अंश मात्र है। चेतावनी दी कि गोदामों का प्रबंधन एक व्यक्ति के हाथ में देकर कर्मचारियों को परेशान करने के साथ पूंजीवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर सरकार इस तरह के जनविरोधी फैसले वापस नहीं लेती तो आने वाले दिनों में आंदोलन शुरू कर देंगे।
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