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Kathua News: टमाटर पहुंचा 80 रुपये प्रति किलो, सब्जियों के दाम भी छू रहे आसमान
Sun, 02 Jul 2023 12:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 02 Jul 2023 12:21 AM IST
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15 दिन पहले 20 से 30 रुपये प्रति किलो मिलने वाली सब्जियों में 60 से 80 रुपये तक बढ़े
कठुआ।
जिले में इन दिनों सब्जियों के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट को बिगाड़ कर रख दिया है। करीब 15 दिन के दामाें की अगर समीक्षा की जाए तो मौजूदा समय मेंं ज्यादातर सब्जियों के दाम दोगुना तो कुछ के इससे भी ज्यादा बढ़ गए हैं।
बारिश के सीजन के शुरुआत में ही आसमान पर चढ़े सब्जियों के दामों ने कुछ एक को छोड़ दें तो वह वर्ग को प्रभावित कर दिया है। करीब 15 दिन पूर्व 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकने वाले टमाटर के दाम 80 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। महंगाई की मार से अन्य सब्जियां भी अछूती नहीं रही हैं।
जिले की बात करें तो यहां इस मौसम में बिकने वाली ज्यादा सब्जियां पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश और कश्मीर संभाग से ही आ रही है। क्योंकि इस मौसम में मैदानी इलाकों में व स्थानीय किसानों द्वारा लगाई जाने वाली सब्जियां खत्म हो जाती हैं। ऐसे में दाम बढ़ना तय है। वहीं टमाटर का हाल तो पूरे देश में एक जैसा ही देखने को मिल रहा है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर की थोक मंडी में भी सब्जी की आपूर्ति कम हो गई है।
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सब्जियां 15 दिन पहले वर्तमान दाम
टमाटर 30 रुपये 80 रुपये
भिंडी 20 रुपये 60 रुपये
फूल गोभी 40 रुपये 80 रुपये
शिमला मिर्च 40 रुपये 80 रुपये
सब्जियों के दामों में अचानक आए उछाल का परिणाम इसकी खरीदारी पर पड़ रहा है। पहले जो हरी सब्जियां लेकर जाते थे अब उनकी खरीदारी एक या फिर दाे सब्जी तक सिमट गई है। वहीं, कई लोग सब्जी के विकल्प के रूप में कढ़ी और आलू-न्यूट्री का प्रयोग कर रहे हैं। वहां, गरीब तबका तो अब सब्जी के दाम घटने का ही इंतजार कर रहा है।
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एक सप्ताह पूर्व देश के अन्य राज्यों में सब्जियों के दामों में होने वाली बढ़ोतरी की खबरें आ रही थी तो शहर के बाजार में सभी सब्जियों के दाम सामान्य थे। मगर इन खबरों के बाद एकाएक दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। क्या एक सप्ताह में सब्जियों का उत्पादन खत्म हो गया है। ये बात समझ नहीं आ रही है।
अंजू शर्मा गृहणी
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सब्जियाें के दाम बढ़ने का असर सीधे तौर पर दुकानदारी पर पड़ा है। क्योंकि जो ग्राहक कोई सब्जी दो किलो खरीदते थे वह एक और आधा किलो ही खरीद कर गुजारा कर रहा है। वहीं, दाम बढ़ने से सब्जी के कारोबार करते वालों का मुनाफा भी कम हो गया है।
अजय कश्यप, सब्जी विक्रेता।
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सब्जियों के बढ़ रहे दाम का असर नागरिकों की थालियों में दिखने लगा है। खासकर नौकरीपेशा आदमी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। क्योंकि जिस तरह सब्जी के दाम अचानक बढ़े हैं। इससे एक नियमित आमदनी करने वाले व्यक्ति के लिए अपना बजट बना पाना असंभव हो गया है।
कौशल शर्मा, स्थानीय निवासी
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कठुआ।
जिले में इन दिनों सब्जियों के दामों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट को बिगाड़ कर रख दिया है। करीब 15 दिन के दामाें की अगर समीक्षा की जाए तो मौजूदा समय मेंं ज्यादातर सब्जियों के दाम दोगुना तो कुछ के इससे भी ज्यादा बढ़ गए हैं।
बारिश के सीजन के शुरुआत में ही आसमान पर चढ़े सब्जियों के दामों ने कुछ एक को छोड़ दें तो वह वर्ग को प्रभावित कर दिया है। करीब 15 दिन पूर्व 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकने वाले टमाटर के दाम 80 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। महंगाई की मार से अन्य सब्जियां भी अछूती नहीं रही हैं।
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जिले की बात करें तो यहां इस मौसम में बिकने वाली ज्यादा सब्जियां पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश और कश्मीर संभाग से ही आ रही है। क्योंकि इस मौसम में मैदानी इलाकों में व स्थानीय किसानों द्वारा लगाई जाने वाली सब्जियां खत्म हो जाती हैं। ऐसे में दाम बढ़ना तय है। वहीं टमाटर का हाल तो पूरे देश में एक जैसा ही देखने को मिल रहा है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर की थोक मंडी में भी सब्जी की आपूर्ति कम हो गई है।
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सब्जियां 15 दिन पहले वर्तमान दाम
टमाटर 30 रुपये 80 रुपये
भिंडी 20 रुपये 60 रुपये
फूल गोभी 40 रुपये 80 रुपये
शिमला मिर्च 40 रुपये 80 रुपये
सब्जियों के दामों में अचानक आए उछाल का परिणाम इसकी खरीदारी पर पड़ रहा है। पहले जो हरी सब्जियां लेकर जाते थे अब उनकी खरीदारी एक या फिर दाे सब्जी तक सिमट गई है। वहीं, कई लोग सब्जी के विकल्प के रूप में कढ़ी और आलू-न्यूट्री का प्रयोग कर रहे हैं। वहां, गरीब तबका तो अब सब्जी के दाम घटने का ही इंतजार कर रहा है।
एक सप्ताह पूर्व देश के अन्य राज्यों में सब्जियों के दामों में होने वाली बढ़ोतरी की खबरें आ रही थी तो शहर के बाजार में सभी सब्जियों के दाम सामान्य थे। मगर इन खबरों के बाद एकाएक दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। क्या एक सप्ताह में सब्जियों का उत्पादन खत्म हो गया है। ये बात समझ नहीं आ रही है।
अंजू शर्मा गृहणी
सब्जियाें के दाम बढ़ने का असर सीधे तौर पर दुकानदारी पर पड़ा है। क्योंकि जो ग्राहक कोई सब्जी दो किलो खरीदते थे वह एक और आधा किलो ही खरीद कर गुजारा कर रहा है। वहीं, दाम बढ़ने से सब्जी के कारोबार करते वालों का मुनाफा भी कम हो गया है।
अजय कश्यप, सब्जी विक्रेता।
सब्जियों के बढ़ रहे दाम का असर नागरिकों की थालियों में दिखने लगा है। खासकर नौकरीपेशा आदमी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। क्योंकि जिस तरह सब्जी के दाम अचानक बढ़े हैं। इससे एक नियमित आमदनी करने वाले व्यक्ति के लिए अपना बजट बना पाना असंभव हो गया है।
कौशल शर्मा, स्थानीय निवासी