फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Pressure mounts at GMC Kathua amid scorching heat, with double the number of patients arriving

Kathua News: भीषण गर्मी के बीच जीएमसी कठुआ में बढ़ा दबाव, अब दोगुने आ रहे मरीज

विज्ञापन
Pressure mounts at GMC Kathua amid scorching heat, with double the number of patients arriving
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कठुआ। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और लू के प्रकोप का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती गर्मी के चलते सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए जीएमसी कठुआ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया। इस दौरान अस्पताल में बढ़ते मरीजों के दबाव, उपलब्ध संसाधनों तथा आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की गई। डॉ. अत्री ने बताया कि जीएमसी कठुआ के आकस्मिक (इमरजेंसी) विभाग में सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 180 मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि के कारण यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
विज्ञापन

मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण कई बार अस्पताल में उपलब्ध बेडों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। बैठक में यह भी सामने आया कि भीषण गर्मी के कारण गैस्ट्रोएंटेराइटिस, डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, वायरल बुखार तथा चक्कर आने जैसी समस्याओं के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोग गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. अत्री ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसलिए नागरिकों को लू से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। बैठक में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बेड, दवाइयों और चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई, ताकि बढ़ते मरीजों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed