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Kathua News: टीन की पुरानी चादरों के नीचे आज भी सिसक रहीं जिंदगियां
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कठुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना के इंतजार में लोगों की आंखें पथरा गई हैं। टीन की पुरानी चादरों के नीचे आज भी जिंदगियां सिसक रहीं हैं। कोई तिरपाल के चिथड़ों के नीचे जीवन बसर कर रहा है ताे किसी के छत की सीमेंट जर्जर होकर नीचे गिर रही है। ऐसे में आने वाला बारिश का मौसम उन्हें और सताएगा।
वार्ड 12 निवासी 80 वर्षीय कौशल्या देवी टीन की पुरानी चादरें व उस पर बारिश का पानी रोकने के लिए बिछाया गया चीथड़ों वाले तिरपाल के नीचे आज भी अपने सिर पर पक्की छत का सपना धुंधलाती आंखों में सजोए हैं। वहीं वार्ड 12 निवासी धर्मपाल के छत से रोज जर्जर हो चुकी सीमेंट गिर रही है लेकिन क्या करें उन्हें रहना तो यहीं हैं। उनका कहना है कि ईश्वर करे कि बरसात का मौसम सकुशल निकल जाए। उधर, नींव का काम करवाने के बाद भी एक टीन के नीचे बेटे के साथ जीवन के दिन काट रही रेखा देवी का हाल भी कुछ बेहतर नहीं है। यह कुछ ऐसे मामले हैं जिनमें लोगों को आज भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ मिलने का इंतजार है। इसके अलावा शहर में सैकड़ों ऐसे परिवार हैं, जिनके लिए अपना पक्का घर एक सपना है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणा के बाद उन्होंने भी अपना पक्का घर होने का सपना देखना शुरू कर दिया था लेकिन वह कब पूरा होगा, अब इसी का इंतजार है। उन्होंने योजना का लाभ लेने के आवेदन तो किया है लेकिन उन्हें अब तक इसका लाभ नहीं पहुंचा है। उम्मीद है कि सरकार उनकी सुध लेगी और वे भी अपने घर में सुरक्षित रात काट सकेंगे।
इस बारे में वार्ड 11 के पूर्व पार्षद करण सिंह जम्वाल ने बताया कि उन्होंने अपने वार्ड के करीब डेढ़ दर्जन परिवारों की सभी दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करवाने के बाद इन्हें कठुआ नगर परिषद के कार्यालय में जमा करवाया था लेकिन अभी तक फिलहाल सरकार की ओर से नए लाभार्थियों की कोई सूची नहीं निकाली गई है। इससे ऐसे परिवारों को इस बार की बरसात भी उन्हीं जर्जर मकानों में निकालनी पड़ेगी।
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वार्ड 10 के पूर्व पार्षद अजय कुमार के अनुसार उनके वार्ड में करीब 50 आवेदकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने लाभ का इंतजार है। इसके फार्म उन्होंने खुद नगर परिषद कार्यालय में एक साल पहले जमा करवाए थे। इस बारे में उन्होंने जब भी जानकारी लेनी चाही तो उत्तर मिला कि अभी लाभार्थियों की लिस्ट की मंजूरी नहीं मिल पाई है। इसके कारण आज भी लोग जर्जर मकानों में ही रह रहे हैं।
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शहरी आवास योजना के तहत लाभ हासिल करने की समय सीमा वर्ष 2022 तक के लिए ही सीमित थी। इस दौरान शहर भर से आए आवेदनों में 1188 आवेदनों को मंजूरी मिली थी। इसमें आवेदकों को योजना के तहत चार किस्तों में सरकारी सहायता मिलनी थी। इनमें से करीब 800 लाभार्थियों को उनके मकान का निर्माण कार्य पूरा होने पर उनकी चारों किश्तें भी मिल चुकी हैं। अगर किसी भी लाभार्थी को उसकी किश्त नहीं मिली है तो वह निर्माण के चरणों को पूरा नहीं कर रहा है। इसके अलावा नए लाभार्थियों को योजना का लाभ अभी फिलहाल नहीं दिया जा रहा है। जहां तक आवेदन का मामला है तो वे पार्षदों ने अपने स्तर से ही लोगों के फार्म भरवाए थे। इसकी मंजूरी हो पाना संभव नहीं है।
-स्वर्ण सिंह, शहरी आवास योजना सिटी लेवल टेक्निकल सेल के प्रभारी
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वार्ड 12 निवासी 80 वर्षीय कौशल्या देवी टीन की पुरानी चादरें व उस पर बारिश का पानी रोकने के लिए बिछाया गया चीथड़ों वाले तिरपाल के नीचे आज भी अपने सिर पर पक्की छत का सपना धुंधलाती आंखों में सजोए हैं। वहीं वार्ड 12 निवासी धर्मपाल के छत से रोज जर्जर हो चुकी सीमेंट गिर रही है लेकिन क्या करें उन्हें रहना तो यहीं हैं। उनका कहना है कि ईश्वर करे कि बरसात का मौसम सकुशल निकल जाए। उधर, नींव का काम करवाने के बाद भी एक टीन के नीचे बेटे के साथ जीवन के दिन काट रही रेखा देवी का हाल भी कुछ बेहतर नहीं है। यह कुछ ऐसे मामले हैं जिनमें लोगों को आज भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ मिलने का इंतजार है। इसके अलावा शहर में सैकड़ों ऐसे परिवार हैं, जिनके लिए अपना पक्का घर एक सपना है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणा के बाद उन्होंने भी अपना पक्का घर होने का सपना देखना शुरू कर दिया था लेकिन वह कब पूरा होगा, अब इसी का इंतजार है। उन्होंने योजना का लाभ लेने के आवेदन तो किया है लेकिन उन्हें अब तक इसका लाभ नहीं पहुंचा है। उम्मीद है कि सरकार उनकी सुध लेगी और वे भी अपने घर में सुरक्षित रात काट सकेंगे।
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इस बारे में वार्ड 11 के पूर्व पार्षद करण सिंह जम्वाल ने बताया कि उन्होंने अपने वार्ड के करीब डेढ़ दर्जन परिवारों की सभी दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करवाने के बाद इन्हें कठुआ नगर परिषद के कार्यालय में जमा करवाया था लेकिन अभी तक फिलहाल सरकार की ओर से नए लाभार्थियों की कोई सूची नहीं निकाली गई है। इससे ऐसे परिवारों को इस बार की बरसात भी उन्हीं जर्जर मकानों में निकालनी पड़ेगी।
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वार्ड 10 के पूर्व पार्षद अजय कुमार के अनुसार उनके वार्ड में करीब 50 आवेदकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने लाभ का इंतजार है। इसके फार्म उन्होंने खुद नगर परिषद कार्यालय में एक साल पहले जमा करवाए थे। इस बारे में उन्होंने जब भी जानकारी लेनी चाही तो उत्तर मिला कि अभी लाभार्थियों की लिस्ट की मंजूरी नहीं मिल पाई है। इसके कारण आज भी लोग जर्जर मकानों में ही रह रहे हैं।
शहरी आवास योजना के तहत लाभ हासिल करने की समय सीमा वर्ष 2022 तक के लिए ही सीमित थी। इस दौरान शहर भर से आए आवेदनों में 1188 आवेदनों को मंजूरी मिली थी। इसमें आवेदकों को योजना के तहत चार किस्तों में सरकारी सहायता मिलनी थी। इनमें से करीब 800 लाभार्थियों को उनके मकान का निर्माण कार्य पूरा होने पर उनकी चारों किश्तें भी मिल चुकी हैं। अगर किसी भी लाभार्थी को उसकी किश्त नहीं मिली है तो वह निर्माण के चरणों को पूरा नहीं कर रहा है। इसके अलावा नए लाभार्थियों को योजना का लाभ अभी फिलहाल नहीं दिया जा रहा है। जहां तक आवेदन का मामला है तो वे पार्षदों ने अपने स्तर से ही लोगों के फार्म भरवाए थे। इसकी मंजूरी हो पाना संभव नहीं है।
-स्वर्ण सिंह, शहरी आवास योजना सिटी लेवल टेक्निकल सेल के प्रभारी