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बंदरों की दहशत से लोग परेशान
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बिलावर। उपमंडल सहित इलाके के कई गांवों में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। बंदर बाजार या सड़क पर चलते राहगीरों के हाथ से सामान झपट लेते हैं। फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बिलावर कस्बे में बंदरों की संख्या इतनी ज्यादा है कि गली-मोहल्ले से निकलना भी मुश्किल हो गया है।
कस्बे के अलावा किशनपुर, कोटी और अन्य गांवों में भी बंदरों की संख्या इतनी बढ़ गई है, जिसकी वजह से किसानों ने फसलें लगानी भी छोड़ दी हैं। कस्बे के एडीसी कार्यालय, मुंसिफ कोर्ट, तहसीलदार कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय, मुख्य बाजार और नगर कमेटी के अधिकतर वार्डों में इन दिनों सैकड़ों की संख्या में बंदर मौजूद हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
बिलावर निवासी सुरेंद्र रियोथिया, किशनपुर के कुंजलाल पुरोहित और कोटी गांव के अजय सिंह ने बताया कि कई बार जब बंदर झुंड में निकलते हैं तो इन पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। किसानों ने कहा कि उन्होंने बंदरों की बढ़ती संख्या की वजह से फसलें लगानी छोड़ दी हैं। कहा कि 50 फीसदी से अधिक फसल बंदर उजाड़ देते हैं, जिससे खेतों में की गई मेहनत बर्बाद हो रही है। कई बार मौसम की मार के कारण फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जो थोड़ी बहुत खेतों में बचती हैं, उन्हें बंदर तबाह कर देते हैं। किसानों ने सरकार से जल्द बंदरों को पकड़ने की गुहार लगाई है।
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कस्बे के अलावा किशनपुर, कोटी और अन्य गांवों में भी बंदरों की संख्या इतनी बढ़ गई है, जिसकी वजह से किसानों ने फसलें लगानी भी छोड़ दी हैं। कस्बे के एडीसी कार्यालय, मुंसिफ कोर्ट, तहसीलदार कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय, मुख्य बाजार और नगर कमेटी के अधिकतर वार्डों में इन दिनों सैकड़ों की संख्या में बंदर मौजूद हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
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बिलावर निवासी सुरेंद्र रियोथिया, किशनपुर के कुंजलाल पुरोहित और कोटी गांव के अजय सिंह ने बताया कि कई बार जब बंदर झुंड में निकलते हैं तो इन पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। किसानों ने कहा कि उन्होंने बंदरों की बढ़ती संख्या की वजह से फसलें लगानी छोड़ दी हैं। कहा कि 50 फीसदी से अधिक फसल बंदर उजाड़ देते हैं, जिससे खेतों में की गई मेहनत बर्बाद हो रही है। कई बार मौसम की मार के कारण फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जो थोड़ी बहुत खेतों में बचती हैं, उन्हें बंदर तबाह कर देते हैं। किसानों ने सरकार से जल्द बंदरों को पकड़ने की गुहार लगाई है।
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