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Kathua News: विधायक विजय शर्मा ने शासन, प्रशासन पर साधा निशान
Tue, 17 Jun 2025 02:11 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 17 Jun 2025 02:11 AM IST
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हीरानगर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक विजय शर्मा।
हीरानगर। स्थानीय विधायक विजय शर्मा ने शासन, प्रशासन पर निशान साधा है। उन्होंने सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान जिला प्रशासन, प्रदेश प्रशासन और सरकार पर तीखा प्रहार कर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अफसरशाही हावी है। इसी कारण लोगों के चुने हुए नुमाइंदों की भी सुनवाई नहीं हो रही है।
विधायक शर्मा ने कहा कि पिछले छह महीनों से भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। तापमान की तरह वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से तस्करी बढ़ती जा रही है। हर महीने 400 से 500 गाड़ियों से लकड़ी तस्करी हो रही है। अवैध खनन, नशा तस्करी और चोरी की घटनाएं बढ़ना भी चिंताजनक है।इसके बावजूद पुलिस, प्रशासन के पास कोई उचित जवाब नहीं है।
उन्होंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। सरकार के मंत्रियों से भी इन मुद्दों पर चर्चा की लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उसके बाद जिलाधिकारी समेत प्रदेश प्रशासन के उच्च अधिकारियों से बात की लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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यह स्थिति बेहद दुखद है। वह इससे चिंतित हैं। लोगों ने विधायकों को चुना है और लोगों की समस्याओं का समाधान न होने पर जनप्रतिनिधियों का चुप रहना बेमानी होगा। भले ही इसके लिए उन्हें कोई भी खामियाजा भुगतना पड़े लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे और लोगों के हित की आवाज डटकर उठाएंगे।
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विधायक शर्मा ने कहा कि पिछले छह महीनों से भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। तापमान की तरह वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से तस्करी बढ़ती जा रही है। हर महीने 400 से 500 गाड़ियों से लकड़ी तस्करी हो रही है। अवैध खनन, नशा तस्करी और चोरी की घटनाएं बढ़ना भी चिंताजनक है।इसके बावजूद पुलिस, प्रशासन के पास कोई उचित जवाब नहीं है।
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उन्होंने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। सरकार के मंत्रियों से भी इन मुद्दों पर चर्चा की लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उसके बाद जिलाधिकारी समेत प्रदेश प्रशासन के उच्च अधिकारियों से बात की लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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यह स्थिति बेहद दुखद है। वह इससे चिंतित हैं। लोगों ने विधायकों को चुना है और लोगों की समस्याओं का समाधान न होने पर जनप्रतिनिधियों का चुप रहना बेमानी होगा। भले ही इसके लिए उन्हें कोई भी खामियाजा भुगतना पड़े लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे और लोगों के हित की आवाज डटकर उठाएंगे।