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Kathua News: जिला पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन<bha>;</bha> एक घंटा यातायात प्रभावित, एसएसपी का पुतला जलाया
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प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाती पुलिस। संवाद
- नाबालिग दुष्कर्म मामला: छह प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद किया रिहा
-एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की कर रहे थे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। गत वर्ष अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने जिला पुलिस मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट प्रदर्शनकारियों ने एक घंटा यातायात जाम कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पुतला भी जलाया।
प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के अलावा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। शहर के वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद भी जब प्रदर्शनकारियों ने यातायात नहीं खोला तो पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में ले लिया। जिनको बाद में रिहा कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी से मिली हुई है जिसके चलते कार्रवाई नहीं की जा रही।
प्रदर्शनकारियों में शामिल अभिवक्ता रजत ने आरोप लगाया कि गत वर्ष नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म को लेकर जिला महिला थाना में 6 जनवरी को शिकायत दर्ज की गई थी। 15 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उनको नाबालिग और उसके परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। कई बार परिवार वालों ने पुलिस को सूचित किया कि आरोपी शहर में घूम रहे हैं लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी के परिवार वाले कई दिनों तक पीड़ित परिवार को धमकाते रहे हैं कि अगर पुलिस को शिकायत की तो उसके परिणाम बुरे होंगे। वे मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ अधिनियम के अलावा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो। इसके अलावा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उचित मुआवजा भी दिया जाए।
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आंबेडकरी मूलनिवासी के प्रधान प्रदीप आंबेडकरी ने कहा कि आरोपियों को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। आरोपी उल्टे पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं। आरोपियों ने हद तो तब कर दी जब इस दुष्कर्म की वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करनी शुरू कर दी जिसके बाद मामला परिवार वालों के संज्ञान में आया।
जन जागृति मंच के प्रधान संजय ने कहा कि जब तक उनकी मांगों के अनुसार पुलिस कार्रवाई नहीं करती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस की सुस्त कार्रवाई का ही नतीजा है कि आरोपी देश से बाहर चले गए हैं। उसने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए पूरी तरह शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों में सामाजिक कार्यकर्ता आईडी खजूरिया, अभिवक्ता सुशील गुप्ता, सुरेश सैनी आजाद, पुष्पिंदर, माखनु डोगरा, रंजू डोगरा, रेखा देवी, सोनिया देवी, सुनीता, पवन कुमार के अलावा सैकड़ों लोग शामिल थे।
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कोट....
मामला संज्ञान में आने के बाद से ही पुलिस कानून के तहत कार्रवाई कर रही है। एक आरोपी को हिरासत में लिया जा चुका है। जिसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया था। पुलिस टीमें बनाकर आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग जगह भेजी जा चुकी हैं। मामले की जांच की जारी है कि इस कृत्य में कौन-कौन शामिल है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-राहूल चाढ़क, एडिशनल एसपी कठुआ।
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-एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की कर रहे थे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। गत वर्ष अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने जिला पुलिस मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट प्रदर्शनकारियों ने एक घंटा यातायात जाम कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पुतला भी जलाया।
प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के अलावा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। शहर के वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद भी जब प्रदर्शनकारियों ने यातायात नहीं खोला तो पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में ले लिया। जिनको बाद में रिहा कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी से मिली हुई है जिसके चलते कार्रवाई नहीं की जा रही।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल अभिवक्ता रजत ने आरोप लगाया कि गत वर्ष नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म को लेकर जिला महिला थाना में 6 जनवरी को शिकायत दर्ज की गई थी। 15 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उनको नाबालिग और उसके परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। कई बार परिवार वालों ने पुलिस को सूचित किया कि आरोपी शहर में घूम रहे हैं लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी के परिवार वाले कई दिनों तक पीड़ित परिवार को धमकाते रहे हैं कि अगर पुलिस को शिकायत की तो उसके परिणाम बुरे होंगे। वे मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ अधिनियम के अलावा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो। इसके अलावा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उचित मुआवजा भी दिया जाए।
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आंबेडकरी मूलनिवासी के प्रधान प्रदीप आंबेडकरी ने कहा कि आरोपियों को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। आरोपी उल्टे पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं। आरोपियों ने हद तो तब कर दी जब इस दुष्कर्म की वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करनी शुरू कर दी जिसके बाद मामला परिवार वालों के संज्ञान में आया।
जन जागृति मंच के प्रधान संजय ने कहा कि जब तक उनकी मांगों के अनुसार पुलिस कार्रवाई नहीं करती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस की सुस्त कार्रवाई का ही नतीजा है कि आरोपी देश से बाहर चले गए हैं। उसने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए पूरी तरह शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों में सामाजिक कार्यकर्ता आईडी खजूरिया, अभिवक्ता सुशील गुप्ता, सुरेश सैनी आजाद, पुष्पिंदर, माखनु डोगरा, रंजू डोगरा, रेखा देवी, सोनिया देवी, सुनीता, पवन कुमार के अलावा सैकड़ों लोग शामिल थे।
कोट....
मामला संज्ञान में आने के बाद से ही पुलिस कानून के तहत कार्रवाई कर रही है। एक आरोपी को हिरासत में लिया जा चुका है। जिसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया था। पुलिस टीमें बनाकर आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग जगह भेजी जा चुकी हैं। मामले की जांच की जारी है कि इस कृत्य में कौन-कौन शामिल है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-राहूल चाढ़क, एडिशनल एसपी कठुआ।