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Kathua News: शिक्षक गायब<bha>;</bha> स्कूल पर लगाया ताला,अभिभावकों ने जताया रोष
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बंद पड़े स्कूल को दिखाते स्थानीय
रामकोट। सरकारी मिडिल स्कूल सठ के बुधवार को बंद होने की सूचना मिलने पर बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंचे। स्कूल को ताला लगा था और कोई भी शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं था। इसे लेकर ग्रामीणों ने रोष जताया।
अभिभावकों ने बताया कि कई महीनों से स्कूल की ऐसी ही स्थिति है और स्कूल ज्यादातर बंद ही रहता। उनके बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर चला जा रहा है। रामकोट के पूर्व सरपंच परदीप सिंह से बुधवार को स्थानीय लोगों का शिष्टमंडल भी मिला जिन्होंने स्कूल में तैनात शिक्षकों पर कार्रवाई करने की मांग की। पूर्व सरपंच ने बताया कि स्कूल की स्थिति की वह पिछले लंबे समय से जांच रहे हैं। स्कूल से शिक्षकों का गैर हाजिर होना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इससे सरकारी स्कूलों से लोगों का भरोसा उठता चला जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग से उन्होंने मांग रखी कि स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य से इस प्रकार नहीं खेला जाए और स्कूल में स्थाई शिक्षकों की जल्द तैनाती की जाए। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के ड्यूटी सीओ बिलावर चमनलाल ने बताया कि स्कूल में पहले दो शिक्षक तैनात थे। जिनकी पदोन्नति होने के बाद वह स्कूल से चले गए। उसके बाद उन्होंने एक शिक्षक स्कूल में तैनात किया लेकिन गलती से वह बुधवार को स्कूल में मौजूद नहीं था। इस पर उन्होंने कार्रवाई करते हुए उसके वेतन को रोका है और फिर से उस शिक्षक के स्कूल में तैनाती का आर्डर निकाला है। इसके बाद बुधवार दो बजे के बाद शिक्षक स्कूल में गया।
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अभिभावकों ने बताया कि कई महीनों से स्कूल की ऐसी ही स्थिति है और स्कूल ज्यादातर बंद ही रहता। उनके बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर चला जा रहा है। रामकोट के पूर्व सरपंच परदीप सिंह से बुधवार को स्थानीय लोगों का शिष्टमंडल भी मिला जिन्होंने स्कूल में तैनात शिक्षकों पर कार्रवाई करने की मांग की। पूर्व सरपंच ने बताया कि स्कूल की स्थिति की वह पिछले लंबे समय से जांच रहे हैं। स्कूल से शिक्षकों का गैर हाजिर होना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इससे सरकारी स्कूलों से लोगों का भरोसा उठता चला जाएगा।
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स्कूल शिक्षा विभाग से उन्होंने मांग रखी कि स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य से इस प्रकार नहीं खेला जाए और स्कूल में स्थाई शिक्षकों की जल्द तैनाती की जाए। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के ड्यूटी सीओ बिलावर चमनलाल ने बताया कि स्कूल में पहले दो शिक्षक तैनात थे। जिनकी पदोन्नति होने के बाद वह स्कूल से चले गए। उसके बाद उन्होंने एक शिक्षक स्कूल में तैनात किया लेकिन गलती से वह बुधवार को स्कूल में मौजूद नहीं था। इस पर उन्होंने कार्रवाई करते हुए उसके वेतन को रोका है और फिर से उस शिक्षक के स्कूल में तैनाती का आर्डर निकाला है। इसके बाद बुधवार दो बजे के बाद शिक्षक स्कूल में गया।
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