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Kathua News: कठुआ में यूनिटी मार्च शुरू, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह हुए शामिल
Fri, 17 Oct 2025 01:41 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 17 Oct 2025 01:41 AM IST
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शहर में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में भाग लेते केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह। संवाद
कठुआ। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित हो रहे ‘एक भारत, अखंड भारत’ अभियान के तहत कठुआ में यूनिटी मार्च का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह मार्च राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ परिसर में संपन्न हुआ। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। युवाओं में एकता, देशभक्ति और कर्तव्य भावना को जागृत करने के उद्देश्य होने वाले इस आयोजन के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यदि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने गृह मंत्री सरदार पटेल को जम्मू-कश्मीर को उसी तरह संभालने की स्वतंत्रता दी होती जैसे वे अन्य रियासतों को संभाल रहे थे तो आज पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर का मुद्दा ही नहीं होता।
उन्होंने बताया कि सरदार पटेल के समय पर हस्तक्षेप के कारण भारतीय सेना श्रीनगर तक पहुंच सकी और कबायली हमले को रोका गया। जब सेना पीओजेके को वापस लेने के करीब थी तब नेहरू ने बिना कैबिनेट की सलाह के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर दी। इससे पीओजेके का निर्माण हुआ। डॉ. सिंह ने सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को स्वतंत्र भारत के सबसे कम आंके गए राष्ट्रनायकों में बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने 560 से अधिक रियासतों को भारत में मिलाकर एक अखंड राष्ट्र की नींव रखी। डॉ. सिंह ने बताया कि यह अभियान 6 अक्टूबर से डिजिटल रूप में शुरू हुआ है और दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक प्रत्येक जिले में 8–10 किलोमीटर की पदयात्राएं होंगी जिनसे पहले निबंध प्रतियोगिता, सेमिनार जैसे संकल्प लिए जाएंगे।
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अभियान का समापन 26 नवंबर को संविधान दिवस पर सरदार पटेल के जन्मस्थान करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक ऐतिहासिक मार्च के साथ होगा।
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यह मार्च राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ परिसर में संपन्न हुआ। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। युवाओं में एकता, देशभक्ति और कर्तव्य भावना को जागृत करने के उद्देश्य होने वाले इस आयोजन के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यदि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने गृह मंत्री सरदार पटेल को जम्मू-कश्मीर को उसी तरह संभालने की स्वतंत्रता दी होती जैसे वे अन्य रियासतों को संभाल रहे थे तो आज पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर का मुद्दा ही नहीं होता।
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उन्होंने बताया कि सरदार पटेल के समय पर हस्तक्षेप के कारण भारतीय सेना श्रीनगर तक पहुंच सकी और कबायली हमले को रोका गया। जब सेना पीओजेके को वापस लेने के करीब थी तब नेहरू ने बिना कैबिनेट की सलाह के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर दी। इससे पीओजेके का निर्माण हुआ। डॉ. सिंह ने सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को स्वतंत्र भारत के सबसे कम आंके गए राष्ट्रनायकों में बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने 560 से अधिक रियासतों को भारत में मिलाकर एक अखंड राष्ट्र की नींव रखी। डॉ. सिंह ने बताया कि यह अभियान 6 अक्टूबर से डिजिटल रूप में शुरू हुआ है और दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक प्रत्येक जिले में 8–10 किलोमीटर की पदयात्राएं होंगी जिनसे पहले निबंध प्रतियोगिता, सेमिनार जैसे संकल्प लिए जाएंगे।
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अभियान का समापन 26 नवंबर को संविधान दिवस पर सरदार पटेल के जन्मस्थान करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक ऐतिहासिक मार्च के साथ होगा।