{"_id":"694afc4e7a8c6930d60db59d","slug":"kathua-news-court-kathua-news-c-201-1-knt1009-127498-2025-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: अदालत ने सुनाई 3250 रुपये जुर्माने की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: अदालत ने सुनाई 3250 रुपये जुर्माने की सजा
Wed, 24 Dec 2025 02:02 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने मवेशी तस्करी के एक दोषी पर 3250 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी को लखनपुर पुलिस ने मवेशी तस्करी करने के आरोप में बीते वर्ष लखनपुर से गिरफ्तार किया गया था।
आदेश के अनुसार दोषी को बीएनएस की धारा के तहत अपराध करने के लिए 200 रुपये का जुर्माने जबकि 11 पीसीए के तहत 50 रुपये और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 बिना लाइसेंस वाहन चलने के लिए 3000 रुपये की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब्त मवेशियों को उनकी देखभाल के लिए स्थायी तौर पर संबंधित गोशाला के सुपुर्द करने का फैसला सुनाया गया।
कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मामला बीते वर्ष 2024 की है। जिसमें आरोपी साहिल अहमद चीची पुत्र मोहम्मद अशरफ चीची निवासी मंजमोह अनंतनाग को लखनपुर पुलिस ने मवेशी तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। बीते 12 दिसंबर 2025 को मामले में पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। इसमें आरोपी ने कोर्ट को बताया कि वह अपने अपराध के लिए स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाना चाहता है।
विज्ञापन
इसके बाद अदालत ने आरोपी को समझाया कि वह स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करते हैं तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। इसके बाद अदालत ने आरोपी को अपने अपने बयान पर दोबारा विचार करने का पर्याप्त समय दिया गया लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा।
इसके बाद अदालत ने आरोपी का बयान दर्ज करवा कर उसे मामले में दोषी करार दिया और विभिन्न धारा के तहत अपराध करने लिए 3250 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसे दोषी ने मौके पर ही अदा कर दिया।
इसके बाद अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि मामले में अगर वाहन या दस्तावेज को जब्त किया है तो उसे उसके वास्तविक मालिक को लौटा दिया जाए। संवाद
विज्ञापन
आदेश के अनुसार दोषी को बीएनएस की धारा के तहत अपराध करने के लिए 200 रुपये का जुर्माने जबकि 11 पीसीए के तहत 50 रुपये और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 बिना लाइसेंस वाहन चलने के लिए 3000 रुपये की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब्त मवेशियों को उनकी देखभाल के लिए स्थायी तौर पर संबंधित गोशाला के सुपुर्द करने का फैसला सुनाया गया।
विज्ञापन
कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मामला बीते वर्ष 2024 की है। जिसमें आरोपी साहिल अहमद चीची पुत्र मोहम्मद अशरफ चीची निवासी मंजमोह अनंतनाग को लखनपुर पुलिस ने मवेशी तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। बीते 12 दिसंबर 2025 को मामले में पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। इसमें आरोपी ने कोर्ट को बताया कि वह अपने अपराध के लिए स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाना चाहता है।
विज्ञापन
इसके बाद अदालत ने आरोपी को समझाया कि वह स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करते हैं तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। इसके बाद अदालत ने आरोपी को अपने अपने बयान पर दोबारा विचार करने का पर्याप्त समय दिया गया लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा।
इसके बाद अदालत ने आरोपी का बयान दर्ज करवा कर उसे मामले में दोषी करार दिया और विभिन्न धारा के तहत अपराध करने लिए 3250 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसे दोषी ने मौके पर ही अदा कर दिया।
इसके बाद अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि मामले में अगर वाहन या दस्तावेज को जब्त किया है तो उसे उसके वास्तविक मालिक को लौटा दिया जाए। संवाद