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Kathua News: कस्बे में लगने लगे कूड़े के ढ़ेर
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हीरानगर। नगरपालिका समिति के अधीन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते कस्बे में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। गंदगी के ढेर अब लोगों को परेशान करने लगे हैं। वहीं हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों का कहना है कि मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्य विल्सन ने कहा पहले भी हमने अपने हक के लिए संघर्ष किया। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि हमारी मांगे मानी जाएंगी। लेकिन सरकार अपने वादे पर कायम नहीं रही। इसके बाद मजबूरन हमें फिर से संर्घष का रास्ता अपनाना पड़ा है। सात वर्षों तक विभाग को अपनी सेवा दे चुके सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। बाकी केंद्र शासित प्रदेशों की तरह जम्मू-कश्मीर प्रदेश में भी न्यूनतम मजदूरी एक्ट लागू किया जाए। एसआरओ 43 के तहत पेंडिंग पड़े मामलों का निपटारा किया जाए। जैसे ही यह मांगे पूरी होती हैं उसी समय से सफाई का काम शुरू कर देंगे। वहीं, हड़ताल के चलते कस्बे में बढ़ते कूड़े के ढेर अब बदबू छोड़ने लगे हैं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि कस्बे के लोग भी इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। स्थानीय निवासी धीरज गुप्ता ने कहा सफाई कर्मचारी कही बाहर से नहीं आए हैं, यह भी हमारे भाई बहन हैं। पिछले कई वर्षों से अस्थायी कर्मचारी यहां काम कर रहे हैं। वह इस उम्मीद के साथ इस काम के लिए आगे आए थे कि एक दिन वह स्थायी हो जाएंगे तो उनका व उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित होगा। सरकार को इनकी मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए।
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सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्य विल्सन ने कहा पहले भी हमने अपने हक के लिए संघर्ष किया। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि हमारी मांगे मानी जाएंगी। लेकिन सरकार अपने वादे पर कायम नहीं रही। इसके बाद मजबूरन हमें फिर से संर्घष का रास्ता अपनाना पड़ा है। सात वर्षों तक विभाग को अपनी सेवा दे चुके सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। बाकी केंद्र शासित प्रदेशों की तरह जम्मू-कश्मीर प्रदेश में भी न्यूनतम मजदूरी एक्ट लागू किया जाए। एसआरओ 43 के तहत पेंडिंग पड़े मामलों का निपटारा किया जाए। जैसे ही यह मांगे पूरी होती हैं उसी समय से सफाई का काम शुरू कर देंगे। वहीं, हड़ताल के चलते कस्बे में बढ़ते कूड़े के ढेर अब बदबू छोड़ने लगे हैं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि कस्बे के लोग भी इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। स्थानीय निवासी धीरज गुप्ता ने कहा सफाई कर्मचारी कही बाहर से नहीं आए हैं, यह भी हमारे भाई बहन हैं। पिछले कई वर्षों से अस्थायी कर्मचारी यहां काम कर रहे हैं। वह इस उम्मीद के साथ इस काम के लिए आगे आए थे कि एक दिन वह स्थायी हो जाएंगे तो उनका व उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित होगा। सरकार को इनकी मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए।
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