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Kathua News: अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा की जाए
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कठुआ। डीसी कार्यालय कठुआ के सम्मेलन कक्ष में शुक्रवार को भारत सरकार के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ अंजू बाला ने अधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा, भेदभाव और शोषण के खिलाफ अनुसूचित जाति की आबादी की सुरक्षा पर जिला सतर्कता समिति की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।
बैठक के दौरान सीपीओ कठुआ उत्तम सिंह ने जिले में अनुसूचित जाति की आबादी के विशेष संदर्भ में जिला प्रोफाइल के बारे में बैठक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कठुआ जिले की कुल आबादी का लगभग 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति की आबादी का है। उन्होंने जिला कठुआ में अनुसूचित जाति आबादी से संबंधित विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति के बारे में भी जानकारी साझा की। वहीं, डॉ. अंजू बाला ने अनुसूचित जाति समुदाय को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ देने के लिए विभिन्न संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली पर चर्चा की। उन्होंने स्कूलों में ड्रॉपआउट दर में वृद्धि, मनरेगा के तहत मौजूदा जॉब कार्ड धारकों का सत्यापन, स्वीकृत ऋण मामलों की संख्या, अस्वीकृत, जिले में अनुसूचित जाति की आबादी के खिलाफ अपराधों का विवरण, सजा दर आदि पर प्रकाश डालते हुए अनुसूचित जाति के हितों की रक्षा उपाय के बारे में चर्चा की।
इस अवसर पर डॉ. अंजू बाला ने कहा कि युवाओं को इस तरह से शिक्षित करना होगा कि वे नौकरी तलाशने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बन सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सपने को केवल अनुसूचित जाति समुदाय के सशक्तिकरण और जागरूकता के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है। अंत में उन्होंने जम्मू-कश्मीर पोस्टल सर्किल के सदस्यों के साथ बातचीत की, जिसमें उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी के लिए आरक्षण नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक संजय कुमार सिंह, डीसी राहुल पांडेय, एसएसपी आरसी कोतवाल, एसीडी और अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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बैठक के दौरान सीपीओ कठुआ उत्तम सिंह ने जिले में अनुसूचित जाति की आबादी के विशेष संदर्भ में जिला प्रोफाइल के बारे में बैठक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कठुआ जिले की कुल आबादी का लगभग 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति की आबादी का है। उन्होंने जिला कठुआ में अनुसूचित जाति आबादी से संबंधित विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति के बारे में भी जानकारी साझा की। वहीं, डॉ. अंजू बाला ने अनुसूचित जाति समुदाय को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ देने के लिए विभिन्न संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही कार्यप्रणाली पर चर्चा की। उन्होंने स्कूलों में ड्रॉपआउट दर में वृद्धि, मनरेगा के तहत मौजूदा जॉब कार्ड धारकों का सत्यापन, स्वीकृत ऋण मामलों की संख्या, अस्वीकृत, जिले में अनुसूचित जाति की आबादी के खिलाफ अपराधों का विवरण, सजा दर आदि पर प्रकाश डालते हुए अनुसूचित जाति के हितों की रक्षा उपाय के बारे में चर्चा की।
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इस अवसर पर डॉ. अंजू बाला ने कहा कि युवाओं को इस तरह से शिक्षित करना होगा कि वे नौकरी तलाशने वाले के बजाय नौकरी देने वाले बन सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सपने को केवल अनुसूचित जाति समुदाय के सशक्तिकरण और जागरूकता के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है। अंत में उन्होंने जम्मू-कश्मीर पोस्टल सर्किल के सदस्यों के साथ बातचीत की, जिसमें उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी के लिए आरक्षण नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक संजय कुमार सिंह, डीसी राहुल पांडेय, एसएसपी आरसी कोतवाल, एसीडी और अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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