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डॉ. मुखर्जी ने संयुक्त और आधुनिक भारत के लिए बलिदान दिया : एलजी
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कठुआ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हमारे दिलों में जीवित है। वह निस्संदेह देश के महानतम विद्वानों और राजनेताओं में से एक थे। इस अमृत काल खंड में हम डॉ. मुखर्जी के योग्य उत्तराधिकारी बनने का प्रयास करें, जिन्होंने एक संयुक्त और आधुनिक भारत के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कठुआ में आयोजित तिरंगा उत्सव के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने आत्म-साक्षात्कार के माध्यम से मानव कल्याण के लिए जो संघर्ष किया, उससे भारतीय राजनीति में लोक कल्याण की एक नई विचारधारा की शुरुआत हुई थी। उपराज्यपाल ने डॉ. मुखर्जी के राजनीतिक जीवन को आध्यात्मिकता और समाज के दलितों के उत्थान के दृढ़ संकल्प से निर्देशित करार दिया। उपराज्यपाल ने कहा कि उनके एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के नारे ने एक नई दृष्टि, एक नई जागृति, एक अखंड और आधुनिक भारत के लिए लोगों को एक नई प्रेरणा दी। डॉ. मुखर्जी ने तीन सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक उपक्रमों की स्थापना करके देश के औद्योगिक विकास की नींव रखी और भविष्य के लिए नींव तैयार करने वाली नीतियां तैयार कीं। उन्होंने कहा कि रक्षा सहित आवश्यक वस्तुओं में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने निजी निवेश को प्रोत्साहित किया, निजी उद्यमों को त्वरित औद्योगीकीकरण के लिए उपयुक्त प्रशासनिक नियमों के साथ समर्थन दिया। उपराज्यपाल ने भारत के साथ जम्मू और कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अपरिहार्य योगदान को याद किया।
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राष्ट्रगान गायन प्रतियोगिता में रही जबरदस्त भागीदारी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद हमने कई मुकाम हासिल किए हैं। वंचितों को सशक्त बनाने, सामाजिक समानता स्थापित करने, औद्योगिक विकास लाने, युवा, पुरुषों और महिलाओं के लिए उनके सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए एक नए युग की शुरुआत करने में सक्षम हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रगान गायन प्रतियोगिता में जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है, जबकि त्राल पुलवामा में हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज उठाने वाले 8 हजार स्कूली बच्चे नए जम्मू-कश्मीर का सही प्रतिबिंब हैं। उपराज्यपाल ने लोगों से भारतीय स्वतंत्रता के महान सेनानियों के योगदान को याद करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार के दृढ़ प्रयासों और आम लोगों के सक्रिय योगदान से हम जम्मू-कश्मीर को देश में सबसे विकसित और शीर्ष प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाएंगे।
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शहीदों को परिजनों को किया सम्मानित
कठुआ पहुंचे उपराज्यपाल ने शहीद भगत सिंह यादगार हॉल में स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजनों को सम्मानित किया। उपराज्यपाल ने मुखर्जी चौक पर 110 फुट ऊंचा तिरंगा भी फहराया और लोगों से हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेने, सम्मान और गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज घर लाने की अपील की। कार्यक्रम में मंडलायुक्त रमेश कुमार, डीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री राजीव जसरोटिया, डीसी राहुल पांडेय सहित अन्य भी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने आत्म-साक्षात्कार के माध्यम से मानव कल्याण के लिए जो संघर्ष किया, उससे भारतीय राजनीति में लोक कल्याण की एक नई विचारधारा की शुरुआत हुई थी। उपराज्यपाल ने डॉ. मुखर्जी के राजनीतिक जीवन को आध्यात्मिकता और समाज के दलितों के उत्थान के दृढ़ संकल्प से निर्देशित करार दिया। उपराज्यपाल ने कहा कि उनके एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के नारे ने एक नई दृष्टि, एक नई जागृति, एक अखंड और आधुनिक भारत के लिए लोगों को एक नई प्रेरणा दी। डॉ. मुखर्जी ने तीन सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक उपक्रमों की स्थापना करके देश के औद्योगिक विकास की नींव रखी और भविष्य के लिए नींव तैयार करने वाली नीतियां तैयार कीं। उन्होंने कहा कि रक्षा सहित आवश्यक वस्तुओं में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने निजी निवेश को प्रोत्साहित किया, निजी उद्यमों को त्वरित औद्योगीकीकरण के लिए उपयुक्त प्रशासनिक नियमों के साथ समर्थन दिया। उपराज्यपाल ने भारत के साथ जम्मू और कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अपरिहार्य योगदान को याद किया।
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राष्ट्रगान गायन प्रतियोगिता में रही जबरदस्त भागीदारी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद हमने कई मुकाम हासिल किए हैं। वंचितों को सशक्त बनाने, सामाजिक समानता स्थापित करने, औद्योगिक विकास लाने, युवा, पुरुषों और महिलाओं के लिए उनके सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए एक नए युग की शुरुआत करने में सक्षम हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रगान गायन प्रतियोगिता में जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है, जबकि त्राल पुलवामा में हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज उठाने वाले 8 हजार स्कूली बच्चे नए जम्मू-कश्मीर का सही प्रतिबिंब हैं। उपराज्यपाल ने लोगों से भारतीय स्वतंत्रता के महान सेनानियों के योगदान को याद करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार के दृढ़ प्रयासों और आम लोगों के सक्रिय योगदान से हम जम्मू-कश्मीर को देश में सबसे विकसित और शीर्ष प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाएंगे।
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शहीदों को परिजनों को किया सम्मानित
कठुआ पहुंचे उपराज्यपाल ने शहीद भगत सिंह यादगार हॉल में स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजनों को सम्मानित किया। उपराज्यपाल ने मुखर्जी चौक पर 110 फुट ऊंचा तिरंगा भी फहराया और लोगों से हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेने, सम्मान और गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज घर लाने की अपील की। कार्यक्रम में मंडलायुक्त रमेश कुमार, डीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री राजीव जसरोटिया, डीसी राहुल पांडेय सहित अन्य भी मौजूद रहे।