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Kathua News: ऑनलाइन ठगी में फ्रीज 2.20 लाख की राशि को जारी करने का आदेश
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अदालत से
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साइबर सेल के प्रभारी को दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ऑनलाइन ठगी मामले में फ्रीज 2.20 लाख की राशि को आवेदक के दो खातों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। यह आदेश कोर्ट की तरफ से साइबर सेल के प्रभारी को दिया गया है। इसमें कहा गया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सूचित कर फ्रीज राशि को डीफ्रीज कर उसे शिकायतकर्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाए।
आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार की अदालत में दायर किया गया है। इसके अनुसार मोहन सिंह पुत्र सरन सिंह निवासी नई बस्ती खरोट ने मार्च में जिला साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें पीड़िता ने बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वालों ने जेके बैंक शाखा गोविंदसर से दो खातों से 2.20 लाख की राशि निकाल ली थी। इसमें एक बैंक खाते से 1.70 लाख जबकि दूसरे खाते से 50 हजार की राशि निकाली गई थी। यह राशि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा सारंगढ़ जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर हुई थी।
इसके बाद जिला साइबर सेल की टीम ने धोखाधड़ी करने वाले के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक से बातचीत कर राशि को फ्रीज करवा दिया। इसी राशि को वापस पाने के लिए पीड़ित ने अदालत से गुहार लगाई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सारंगढ़ छत्तीसगढ़ के शाखा प्रबंधक को निर्देश दिया है कि वह ठग के खाते से फ्रीज राशि को डीफ्रीज कर शिकायतकर्ता मोहान सिंह के जम्मू-कश्मीर बैंक खाते में दोबारा जमा करवाए। अदालत ने आवेदक को राशि प्राप्त करने से पहले न्यायालय में एक क्षतिपूर्ति बंधपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसमें आवेदक आश्वासन देगा कि यदि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस रकम पर बेहतर दावा साबित करता है तो वह उसकी भरपाई करेगा।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साइबर सेल के प्रभारी को दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ऑनलाइन ठगी मामले में फ्रीज 2.20 लाख की राशि को आवेदक के दो खातों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। यह आदेश कोर्ट की तरफ से साइबर सेल के प्रभारी को दिया गया है। इसमें कहा गया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सूचित कर फ्रीज राशि को डीफ्रीज कर उसे शिकायतकर्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाए।
आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार की अदालत में दायर किया गया है। इसके अनुसार मोहन सिंह पुत्र सरन सिंह निवासी नई बस्ती खरोट ने मार्च में जिला साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें पीड़िता ने बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वालों ने जेके बैंक शाखा गोविंदसर से दो खातों से 2.20 लाख की राशि निकाल ली थी। इसमें एक बैंक खाते से 1.70 लाख जबकि दूसरे खाते से 50 हजार की राशि निकाली गई थी। यह राशि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा सारंगढ़ जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर हुई थी।
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इसके बाद जिला साइबर सेल की टीम ने धोखाधड़ी करने वाले के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक से बातचीत कर राशि को फ्रीज करवा दिया। इसी राशि को वापस पाने के लिए पीड़ित ने अदालत से गुहार लगाई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सारंगढ़ छत्तीसगढ़ के शाखा प्रबंधक को निर्देश दिया है कि वह ठग के खाते से फ्रीज राशि को डीफ्रीज कर शिकायतकर्ता मोहान सिंह के जम्मू-कश्मीर बैंक खाते में दोबारा जमा करवाए। अदालत ने आवेदक को राशि प्राप्त करने से पहले न्यायालय में एक क्षतिपूर्ति बंधपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसमें आवेदक आश्वासन देगा कि यदि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस रकम पर बेहतर दावा साबित करता है तो वह उसकी भरपाई करेगा।
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