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Kathua News: कठुआ में औद्योगिक जमीनों के आवंटन में हुई बंदरबांट
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कठुआ। कठुआ में बड़े पैमाने पर औद्योगिक क्षेत्रों में बाहर के लोगों को जमीनें दिए जाने के मामले में सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। कठुआ पहुंचे उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि कठुआ में औद्योगिक जमीनों के आवंटन में बंदरबांट है।
उन्होंने कहा कि उन लोगों को जमीनें दी गई जिनका जम्मू कश्मीर से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि काश्त वाली जमीनों पर उद्योग को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उद्योगपति आएंगे, सब्सिडी खाकर चले जाएंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देंगे, यह नहीं चलेगा।
कठुआ में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो इकाई बाहर से लगेगी और हमारे बच्चों को रोजगार नहीं देगी, वह इकाई हमें नहीं चाहिए। हम नहीं चाहेंगे दरिया बिक जाए, आबो हवा बिक जाए, गैर कानून काम कठुआ में हो और लोगों को नुकसान हो। उन्होंने कहा कि कठुआ से हमें माइनिंग और उद्योग को लेकर शिकायत है। औद्योगिक जमीनों में बंदरबांट हुई है, ऐसे लोगां को जमीनें दी गई हैं जिनका जम्मू कश्मीर के साथ कोई लेना देना नहीं है। कहा कि यह जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ भेदभाव हुआ है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर के स्थानीय लोगों के उद्योग खत्म हो रहे हैं। पहले जम्मू कश्मीर के लोगों के उद्योग बचाने हैं फिर दूसरों को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां जो उद्योग लगा रहा है। यहां के हमारे बच्चों को रोजगार दे रहा है या नहीं, यह भी देखा जाएगा। जो उद्योग यहां आ रहा है इंसेंटिव खाकर चला जाएगा यह बतौर उद्योग मंत्री नहीं होने दूंगा और न ही हमारे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ऐसा चाहेंगे।
उन्होंने कहा कि सीएलयू में भी घोटाले हैं। हमारे लोगों की कृषि और सब्जी उगाने वाली जमीनें खत्म हो रही हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। काश्त वाली जमीन को कभी भी उद्योग के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। यह लेने देन का मसला है, इसमें जिला प्रशासन को भी देखना होगा। इसे ठीक करेंगे। सीएलयू इतनी आसानी से नहीं होंगे।
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उन्होंने कहा कि उन लोगों को जमीनें दी गई जिनका जम्मू कश्मीर से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि काश्त वाली जमीनों पर उद्योग को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उद्योगपति आएंगे, सब्सिडी खाकर चले जाएंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देंगे, यह नहीं चलेगा।
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कठुआ में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो इकाई बाहर से लगेगी और हमारे बच्चों को रोजगार नहीं देगी, वह इकाई हमें नहीं चाहिए। हम नहीं चाहेंगे दरिया बिक जाए, आबो हवा बिक जाए, गैर कानून काम कठुआ में हो और लोगों को नुकसान हो। उन्होंने कहा कि कठुआ से हमें माइनिंग और उद्योग को लेकर शिकायत है। औद्योगिक जमीनों में बंदरबांट हुई है, ऐसे लोगां को जमीनें दी गई हैं जिनका जम्मू कश्मीर के साथ कोई लेना देना नहीं है। कहा कि यह जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ भेदभाव हुआ है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर के स्थानीय लोगों के उद्योग खत्म हो रहे हैं। पहले जम्मू कश्मीर के लोगों के उद्योग बचाने हैं फिर दूसरों को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां जो उद्योग लगा रहा है। यहां के हमारे बच्चों को रोजगार दे रहा है या नहीं, यह भी देखा जाएगा। जो उद्योग यहां आ रहा है इंसेंटिव खाकर चला जाएगा यह बतौर उद्योग मंत्री नहीं होने दूंगा और न ही हमारे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ऐसा चाहेंगे।
उन्होंने कहा कि सीएलयू में भी घोटाले हैं। हमारे लोगों की कृषि और सब्जी उगाने वाली जमीनें खत्म हो रही हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। काश्त वाली जमीन को कभी भी उद्योग के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। यह लेने देन का मसला है, इसमें जिला प्रशासन को भी देखना होगा। इसे ठीक करेंगे। सीएलयू इतनी आसानी से नहीं होंगे।