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Kathua News: बलिदान दिवस पर नरेश कुमार को सीआरपीएफ ने दी श्रद्धांजलि
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हीरानगर। सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र हीरानगर की ओर से सांबा जिला के गांव राया के बलिदानी नरेश कुमार के बलिदान दिवस पर समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सीआरपीएफ की ओर से सहायक कमांडेंट फकीर चंद विशेष तौर पर मौजूद रहे। गांव के लोगों और बलिदानी के परिवार के सदस्यों ने तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अफसर पर सहायक कमांडेंट ने कहा कि इस गांव में जन्मे नरेश कुमार ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर सीआरपीएफ और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया।
उन्होंने बताया कि झारखंड के पश्चिम सिंहभूम के छोटानागडा क्षेत्र में पंचायत चुनाव के दौरान माओवादियों के हमले में 24 दिसंबर 2010 को नरेश कुमार ने डटकर मुकाबला किया और अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उन्होंने कहा उनका बलिदान आज भी क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय पूर्व सरपंच दलबीर सिंह ने कहा नरेश कुमार की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता, वह हमारे गांव के गौरव हैं। इस दौरान यहां उपस्थित बलिदानी के परिवार के सदस्यों को सीआरपीएफ के अधिकारियों की ओर से सम्मानित भी किया गया।
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कार्यक्रम में सीआरपीएफ की ओर से सहायक कमांडेंट फकीर चंद विशेष तौर पर मौजूद रहे। गांव के लोगों और बलिदानी के परिवार के सदस्यों ने तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अफसर पर सहायक कमांडेंट ने कहा कि इस गांव में जन्मे नरेश कुमार ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर सीआरपीएफ और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया।
उन्होंने बताया कि झारखंड के पश्चिम सिंहभूम के छोटानागडा क्षेत्र में पंचायत चुनाव के दौरान माओवादियों के हमले में 24 दिसंबर 2010 को नरेश कुमार ने डटकर मुकाबला किया और अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उन्होंने कहा उनका बलिदान आज भी क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
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इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय पूर्व सरपंच दलबीर सिंह ने कहा नरेश कुमार की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता, वह हमारे गांव के गौरव हैं। इस दौरान यहां उपस्थित बलिदानी के परिवार के सदस्यों को सीआरपीएफ के अधिकारियों की ओर से सम्मानित भी किया गया।

शहीदी सभा में अभिभावक प्रतियोगिता के दौरान विजेता प्रतिभागी को सम्मानित करते गणमान्य। संवाद- फोटो : अंबाला दिल्ली नेशनल हाइवे स्थित निर्माणाधीन शहीदी स्माकर। संवाद
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