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Kathua News: बीमा कंपनी को 3.52 लाख मुआवजा देने का आदेश
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जिला मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने वर्ष 2017 में मोटरसाइकिल से घायल महिला मखनी देवी को मुआवजा के तौर पर तीन लाख 52 हजार 174 रुपये की राशि देने का फैसला सुनाया है। यह राशि बीमा कंपनी को 60 दिनों के भीतर पीड़िता को देना होगा।
इसके अलावा कोर्ट ने याचिका दायर करने की तिथि से लेकर पूरा भुगतान होने तक बीमा कंपनी को 6.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज दर से भी राशि पीड़िता को अदा करने के लिए कहा है। साथ ही कोर्ट ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह यह राशि वाहन मालिक से वसूलने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्रत है, क्योंकि मोटरसाइकिल चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। आदेश के अनुसार बीमा कंपनी को पीड़िता को दवा, उपचार और अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित खर्च के लिए 70 हजार 174 की राशि, इलाज के दौरान परिवहन में खर्चे के लिए 20 हजार, पौष्टिक आहार पर खर्च करने के लिए 10 हजार, परिचारक शुल्क के लिए 10 हजार की राशि अदा करनी होगी। वहीं याचिकाकर्ता के काम न कर पाने की अवधि के दौरान आय की हानि के लिए 36 हजार की राशि और स्थायी विकलांगता के लिए एक लाख 26 हजार अदा करना होगा। जबकि पीड़ा और जीवन की सुविधाओं के लिए हुए नुकसान के लिए 80 हजार की राशि अदा करने का निर्देश दिया गया।
क्या है मामला
14 नवंबर 2017 को लगभग तीन बजे मखनी देवी पत्नी मोहन लाल निवासी खुर्द मुठ्ठी कठुआ शेरपुर गांव में कठुआ-जखबड़ मार्ग पर खड़ी थी। अचानक पीछे से आए मोटरसाइकिल सवार ने टक्कर मार दी। मखनी देवीगंभीर रूप से घायल हो गईं। मोटरसाइकिल को सुशील कुमार चला रहा था जबकि वाहन उसके पिता के नाम पंजीकृत था। पीड़िता ने 16 अप्रैल 2018 को जिला मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की। महिला ने कोर्ट को बताया कि दुर्घटना में उनके बाएं पैर की दोनों हड्डियां टूट गई थी, जिससे वह स्थायी रूप से 20 फीसदी विकलांग हो गईं हैं। पीड़िता ने इलाज पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा किया था।
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इसके अलावा कोर्ट ने याचिका दायर करने की तिथि से लेकर पूरा भुगतान होने तक बीमा कंपनी को 6.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज दर से भी राशि पीड़िता को अदा करने के लिए कहा है। साथ ही कोर्ट ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह यह राशि वाहन मालिक से वसूलने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्रत है, क्योंकि मोटरसाइकिल चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। आदेश के अनुसार बीमा कंपनी को पीड़िता को दवा, उपचार और अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित खर्च के लिए 70 हजार 174 की राशि, इलाज के दौरान परिवहन में खर्चे के लिए 20 हजार, पौष्टिक आहार पर खर्च करने के लिए 10 हजार, परिचारक शुल्क के लिए 10 हजार की राशि अदा करनी होगी। वहीं याचिकाकर्ता के काम न कर पाने की अवधि के दौरान आय की हानि के लिए 36 हजार की राशि और स्थायी विकलांगता के लिए एक लाख 26 हजार अदा करना होगा। जबकि पीड़ा और जीवन की सुविधाओं के लिए हुए नुकसान के लिए 80 हजार की राशि अदा करने का निर्देश दिया गया।
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क्या है मामला
14 नवंबर 2017 को लगभग तीन बजे मखनी देवी पत्नी मोहन लाल निवासी खुर्द मुठ्ठी कठुआ शेरपुर गांव में कठुआ-जखबड़ मार्ग पर खड़ी थी। अचानक पीछे से आए मोटरसाइकिल सवार ने टक्कर मार दी। मखनी देवीगंभीर रूप से घायल हो गईं। मोटरसाइकिल को सुशील कुमार चला रहा था जबकि वाहन उसके पिता के नाम पंजीकृत था। पीड़िता ने 16 अप्रैल 2018 को जिला मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में याचिका दायर कर मुआवजे की मांग की। महिला ने कोर्ट को बताया कि दुर्घटना में उनके बाएं पैर की दोनों हड्डियां टूट गई थी, जिससे वह स्थायी रूप से 20 फीसदी विकलांग हो गईं हैं। पीड़िता ने इलाज पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा किया था।
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