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धूमधाम से मनाया गया भैया दूज का पर्व
कठुआ/बसोहली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Nov 2015 01:26 AM IST
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शुक्रवार को जिले में भैया दूज का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान भाइयों के माथे टीकों से सजे दिखाई दिए। दिन भर बहनों के अपने भाइयों के यहां टीका लगाने के लिए पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। माथे पर टीका लगाते हुए बहनों ने अपने भाइयों की सलामती की दुआ मांगी।
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वहीं सुबह से ही दुकानों पर खरीदारी करने के लिए महिलाओं और युवतियों का तांता लगा रहा। मिठाइयों से लेकर आकर्षक तोहफों की खरीदारी की गई। बहन भाई के प्रेम को दर्शाता भैया दूज का त्योहार जिलाभर में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र के लिए दुआ मांगी।
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भाई बहन के अटूट प्रेम को सूत्र में पिरोते इस त्योहार को जितना उत्साह बहनों में दिखा उतने ही भाई भी उत्साहित दिखे। भाइयों ने भी अपनी बहनों को स्नेह स्वरूप उपहार दिए। बाजार में महिलाओं और युवतियों ने जमकर खरीदारी की। बसोहली में भी भैया दूज के मौके पर बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों के घर पहुंचीं।
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उन्होंने जजघर में भगवान धर्मराज को तिलक लगाकर उन्हें अनाज चढ़ाया। कसबे के मंदिरों में इस मौके पर सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए तांता लगा रहा। धनतेरस, छोटी दीपावली, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भैया दूज के साथ ही दीपावली का पर्व जिले में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया।
भाई दूज के रूप में मनाए जाने वाले त्योहार के लिए ऐसा माना जाता है कि दीपावली के बाद भाई दूज के दिन ही यमराज ने अपने बहन यमी के घर का रुख किया था, जहां पर यमराज की बहन यमी ने उनके माथे पर तिलक लगाकर उनकी सलामती के लिए दुआ मांगी थी।
मान्यता है कि इस दिन जो भी भाई अपनी बहन से माथे पर तिलक लगाता है वह कभी भी नर्क में नहीं जाता है। एक अन्य दंत कथा के अनुसार भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध करने के बाद अपनी बहन सुभद्रा के घर का रुख किया था।
जहां पर कृष्ण की बहन सुभद्रा ने दिए जलाकर भाई का स्वागत किया था और तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगी थी। वर्तमान में भी यह प्रथा चली आ रही है। ऐसा माना जाता है कि दीपावली का पर्व इस त्योहार के बिना अधूरा है।
भैया दूज के दिन बड़ी संख्या में बहनों के अपने भाइयों के घर जाने के चलते वाहनों में काफी भीड़ रही। लखनपुर में बसों में महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। इसके चलते महिलाओं को सफर के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ा।